सुपरटेक ट्विन टावर्स: घर खरीदारों को धन वापसी के अनुरोध वाली याचिका पर न्यायालय ने सुनवाई टाली
सुपरटेक ट्विन टावर्स: घर खरीदारों को धन वापसी के अनुरोध वाली याचिका पर न्यायालय ने सुनवाई टाली
नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने नोएडा में रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक के ध्वस्त किए गए ‘ट्विन टावर्स’ के घर खरीदारों को रकम वापस दिलाने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई बृहस्पतिवार को तीन महीने के लिए टाल दी।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने उन दलीलों पर गौर किया जिसमें कहा गया था कि जिन घर खरीदारों ने वैकल्पिक आवंटन का विकल्प नहीं चुना है, उनके दावों का निपटारा करने के प्रयास जारी हैं।
पीठ से अनुरोध किया गया था कि घर खरीदारों के दावों के समाधान के लिए अन्य विकल्प तलाशने के वास्ते तीन महीने का समय दिया जाना चाहिए। इसके बाद पीठ ने सुनवाई टाल दी।
कुछ घर खरीदारों का प्रतिनिधित्व कर रहे एक वकील ने कहा कि उन्हें धनराशि वापस नहीं मिली है और आखिरी भुगतान 2024 में ही किया गया था।
इससे पहले शीर्ष अदालत ने कहा था कि ध्वस्त किए जा चुके ट्विन टावर्स के घर खरीदारों को अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) द्वारा जमा कराई गई राशि में से अनुपातिक आधार पर धन वापसी की जाएगी। रियल एस्टेट कंपनी दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत दिवाला समाधान प्रक्रिया का सामना कर रही है।
नोएडा के सेक्टर 93ए में एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के ट्विन-टावर्स को 28 अगस्त, 2022 को विस्फोटकों का इस्तेमाल करके ध्वस्त कर दिया गया था।
भाषा सुरभि नरेश
नरेश

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