सबरीमला मंदिर, महिलाओं को प्रवेश के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल

सबरीमला मंदिर, महिलाओं को प्रवेश के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल

सबरीमला मंदिर, महिलाओं को प्रवेश के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल
Modified Date: November 29, 2022 / 08:34 pm IST
Published Date: October 8, 2018 10:08 am IST

नई दिल्ली। केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने वाले फैसले के खिलाफ अयप्‍पा मंदिर एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। इससे पहले देश की शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में जाने की इजाजत दी थीइस फैसले के बाद सबरीमाला मंदिर में महिलाएं भी भगवान अयप्‍पा के दर्शन कर सकती हैं। इस प्रथा को शीर्ष अदालत की एक पीठ ने गैर कानूनी बताया।

हालांकि केरल सरकार ने कहा है कि वह सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर दिए गए कोर्ट के फैसले पर समीक्षा याचिका दायर नहीं करेगी। केरल सरकार का कहना है कि वह कोर्ट के फैसला का सम्मान करती है। राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि उनकी सरकार सबरीमाला जाने वाली महिला भक्तों की सुविधाओं का ध्यान रखेगी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

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बता दें कि सुर्पीम कोर्ट के फैसले से पहले केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 साल से 50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश वर्जित था। विशेषकर 15 साल से ऊपर की लड़कियां और महिलाएं इस मंदिर में नहीं जा सकतीं थीं। यहां सिर्फ छोटी बच्चियां और बूढ़ी महिलाएं ही प्रवेश कर सकती थी। इसके पीछे मान्यता है कि भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी थे। ऐसे में युवा और किशोरी महिलाओं को मंदिर में जाने की इजाजत नहीं थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस परंपरा को गलत बताते हुए हर उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेज की इजाजत दी।

वेब डेस्क, IBC24


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