शीर्ष अदालत ने कलकत्ता उच्च न्यायालय से अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा की अर्जी पर सुनवाई करने को कहा

शीर्ष अदालत ने कलकत्ता उच्च न्यायालय से अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा की अर्जी पर सुनवाई करने को कहा

शीर्ष अदालत ने कलकत्ता उच्च न्यायालय से अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा की अर्जी पर सुनवाई करने को कहा
Modified Date: August 3, 2026 / 01:22 pm IST
Published Date: August 3, 2026 1:22 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय से कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने की अर्जी पर एक हफ्ते के अंदर सुनवाई करे।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ को बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने बताया कि अर्जी में तृणमूल कांग्रेस सांसद को चिकित्सा उद्देश्य से विदेश जाने की इजाजत देने के उच्च न्यायालय के आदेश में बदलाव की मांग की गई है।

पीठ ने कहा, ‘‘चिकित्सा उपचार के लिए विदेश जाने की इजाजत देने की अर्जी उच्च न्यायालय में लंबित है। ऐसा लगता है कि अभी तक कोई तारीख तय नहीं हुई है। इसलिए, हम उच्च न्यायालय से उस अर्जी पर गौर करने का अनुरोध करते हैं।’’

बनर्जी ने शीर्ष अदालत में अपनी अर्जी में उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश की पीठ के 20 जुलाई के आदेश को चुनौती दी है।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इससे पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान दिए गए कथित डराने-धमकाने वाले बयानों से जुड़े एक मामले में बनर्जी को दंडात्मक कार्रवाई से मिली अंतरिम सुरक्षा 6 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी।

राहत देते हुए, उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने बनर्जी को जांच में सहयोग करने और पहले के आदेश के अनुसार अदालत की इजाजत के बिना विदेश यात्रा न करने का निर्देश दिया था।

न्यायाधीश ने बनर्जी को प्रदान की गई अंतरिम सुरक्षा 6 अक्टूबर तक, या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, बढ़ा दी और कहा कि तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव की अंतरिम सुरक्षा देने की शर्तों में बदलाव की याचिका पर अगस्त में सुनवाई होगी, लेकिन कोई खास तारीख तय नहीं की।

डायमंड हार्बर के सांसद ने आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की इजाजत के लिए अर्जी दी थी।

न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि जब जांच चल रही थी, तो अदालत याचिकाकर्ता को विदेश यात्रा की इजाजत देने के पक्ष में नहीं है। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि कोलकाता में कई जाने-माने नेत्रा चिकित्सा क्लीनिक हैं।

एक मौखिक टिप्पणी में, न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल सांसद को सरकारी एसएसकेएम अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख के सामने पेश होना चाहिए, जो यह तय करेंगे कि बनर्जी की आंखों की समस्या का इलाज वहां किया जा सकता है या नहीं।

तृणमूल कांग्रेस नेता ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले 27 अप्रैल को एक जनसभा में एक प्रतिद्वंद्वी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ अपनी कथित टिप्पणियों को लेकर दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की थी।

भाषा वैभव रंजन

रंजन


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