SC Decision on Reservation
नई दिल्ली: Supreme Court decision on reservations, सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण नीति को लेकर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई उम्मीदवार चयन प्रक्रिया के दौरान आरक्षण का लाभ उठाता है, तो वह आगे चलकर सामान्य वर्ग की सीट पर दावा नहीं कर सकता, चाहे उसके अंक सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों से अधिक ही क्यों न हों।
SC Decision on Reservation, अपने फैसले में जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने केंद्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट का फैसला रद्द कर दिया। (Supreme Court decision on reservations) हाई कोर्ट ने पहले अनुसूचित जाति के एक उम्मीदवार को बेहतर रैंक के आधार पर अनारक्षित श्रेणी में नियुक्ति की अनुमति दी थी।
मुकदमे में अनुसूचित जाति की उम्मीदवार जी. किरण का रैंक अंतिम मेरिट सूची में 19 था, जबकि एंटनी का 37 था। कर्नाटक में कैडर आवंटन के दौरान केवल एक जनरल इनसाइडर वैकेंसी थी, जबकि एससी इनसाइडर वैकेंसी उपलब्ध नहीं थी। बेहतर रैंक होने के कारण किरण ने जनरल सीट पर दावा किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि यदि किसी उम्मीदवार ने प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) में आरक्षण नीति के तहत छूट का लाभ लिया है, तो उसे आगे भी उसी श्रेणी में रहना होगा।
supreme court decision on reservation latest, पीठ ने कहा कि एक बार आरक्षण का लाभ लेने के बाद उम्मीदवार सामान्य श्रेणी की रिक्तियों पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय वन सेवा (IFS) के अनारक्षित कैडर में नियुक्ति की मांग को भी अस्वीकार कर दिया और कर्नाटक हाई कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया।