Avimukteshwaranand Case | Photo Credit: ANI
नई दिल्ली: Avimukteshwaranand Case ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रयागराज की विशेष पोक्सो अदालत द्वारा उनके खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर खुलकर बात की। मीडिया के सामने उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और पूरी तरह सहयोग करेंगे। स्वामी जी का मानना है कि सच को ज्यादा दिन दबाया नहीं जा सकता और सीसीटीवी फुटेज से सब साफ हो जाएगा।
Avimukteshwaranand Case शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि ‘अगर पुलिस हमें अरेस्ट करने के लिए एक्शन भी लेती है, तो भी हम उनका विरोध नहीं करेंगे। हम कोऑपरेट करेंगे। जनता सब देख रही है। झूठ आखिरकार सामने आ ही जाता है। कहानी झूठी साबित होगी, आज नहीं तो कल, कल नहीं तो परसों।’
उन्होंने कहा कि ‘हम आपके कैमरों की पहुंच में थे। प्रयागराज में हर जगह CCTV कैमरे लगे हैं। उन्होंने उन्हें हर जगह इसलिए लगाया था, ताकि अगर कुछ भी हो, तो वे वॉर रूम से मॉनिटर कर सकें और उनके पास सब कुछ रिकॉर्ड हो जाए। हमारी बस हमारे कैंप के अंदर पार्क नहीं थी, क्योंकि हमारे साथ पुलिस की बेरहमी के बाद, हम कैंप में नहीं घुसे थे। तो, इस स्थिति में, सब कुछ CCTV में कैप्चर हो गया है।
वे लड़के कभी हमारे गुरुकुल में नहीं घुसे, कभी पढ़े नहीं, और हमारा उनसे कोई लेना-देना नहीं है। वे हरदोई के एक स्कूल के स्टूडेंट हैं, जैसा कि केस में जमा की गई उनकी मार्कशीट से पता चलता है। तो, जब वे कभी यहां आए ही नहीं और उनका इस जगह से कोई लेना-देना नहीं है, तो कोई उनका कुछ कैसे कर सकता है? और तीसरा, वे यह कहकर कन्फ्यूजन फैला रहे हैं, “एक CD है” तो क्यों क्या इसे पब्लिक नहीं किया जा रहा है?” ये सभी सवाल आने वाले दिनों में पूछे जाएंगे, और उन्हें इनका जवाब देना होगा… जनता को समझना चाहिए कि कुछ लोग चोगा पहनकर सनातन धर्म को खत्म करने आए हैं। वे खुद को हिंदू कह रहे हैं। वे हिंदुओं के खिलाफ काम कर रहे हैं लेकिन वे खुद को हिंदू साबित करके ऐसा कर रहे हैं।”
बता दें कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया था कि माघ मेले के दौरान एक नाबालिग और एक बालिग बच्चा उनके पास आया था। जिसने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर कुकर्म का गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया गया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्य ही इन बच्चों पर गुरु सेवा के नाम पर संबंध बनाने का दबाव बनाते थे।
#WATCH वाराणसी, उत्तर प्रदेश: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, “अगर पुलिस हमें अरेस्ट करने के लिए एक्शन भी लेती है, तो भी हम उनका विरोध नहीं करेंगे। हम कोऑपरेट करेंगे। जनता सब देख रही है… झूठ आखिरकार सामने आ ही जाता है। कहानी झूठी साबित होगी, आज नहीं तो कल, कल नहीं तो… pic.twitter.com/xUJqRY78uo
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 23, 2026