राम मंदिर में ‘चढ़ावा चोरी’ मामले में उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए: कांग्रेस

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राम मंदिर में ‘चढ़ावा चोरी’ मामले में उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए: कांग्रेस

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 11:33 PM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 11:33 PM IST

विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश), 11 जुलाई (भाषा) कांग्रेस महासचिव दीपा दासमुंशी ने शनिवार को कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित अनियमितताएं उन करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, भरोसे और भावनाओं के साथ विश्वासघात हैं, जिन्होंने राम मंदिर के निर्माण के लिए दान, आभूषण और अन्य चढ़ावा दिया था।

दासमुंशी ने संवाददाता सम्मेलन में सवाल किया कि यदि ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की निगरानी में किया गया था, तो कथित घोटाले की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि सब कुछ सही था तो ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार क्यों किए गए और सरकार उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच का विरोध क्यों कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल एक वित्तीय घोटाला नहीं है। यह उन करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, भरोसे और भावनाओं के साथ गंभीर विश्वासघात है, जिन्होंने राम मंदिर के निर्माण के लिए अपनी मेहनत की कमाई से दान, आभूषण और अन्य चढ़ावा दिया था।’’

कांग्रेस नेता ने उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने, वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर उसमें धार्मिक नेताओं, प्रतिष्ठित नागरिकों, प्रशासनिक विशेषज्ञों और स्वतंत्र सदस्यों को शामिल करते हुए इसका पुनर्गठन करने तथा राम मंदिर से जुड़े सभी दान, चढ़ावे, भूमि लेन-देन, आयोजनों और खर्चों का फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस ऑडिट के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि राय और मिश्रा के इस्तीफे इस बात का संकेत हैं कि मामला केवल प्रशासनिक चूक से कहीं अधिक गंभीर था।

दासमुंशी ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्रस्ट की प्रशासनिक संरचना और प्रमुख नियुक्तियों को तय करने में सक्रिय भूमिका निभाई थी और इसलिए केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाकर ट्रस्ट द्वारा आयोजित प्रमुख कार्यक्रमों पर किए गए खर्चों की भी जांच शुरू कर दी है।

दासमुंशी ने कहा कि प्रधानमंत्री यह स्पष्ट करें कि ट्रस्ट के गठन और उसके कामकाज की निगरानी में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय की क्या भूमिका थी। उन्होंने इस मामले में कथित रूप से शामिल राय, मिश्रा और अन्य लोगों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की।

भाषा

देवेंद्र शोभना

शोभना