झारखंड: चतरा में सीआरपीएफ जवान की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने राजमार्ग जाम किया

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झारखंड: चतरा में सीआरपीएफ जवान की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने राजमार्ग जाम किया

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 10:59 PM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 10:59 PM IST

चतरा, 11 जुलाई (भाषा) झारखंड के चतरा जिले में एक सड़क दुर्घटना में मारे गए 28 वर्षीय सीआरपीएफ जवान के परिजनों को मुआवजा देने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर किए गए सड़क जाम के कारण शनिवार को भी यातायात ठप रहा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, बृहस्पतिवार शाम शुरू हुआ यह सड़क जाम शनिवार शाम आठ बजे तक जारी रहा। इसके कारण दोनों ओर सैकड़ों वाहन लंबी कतारों में फंसे रहे।

उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन बृहस्पतिवार शाम उस समय शुरू हुआ, जब लावालौंग थाना क्षेत्र के बिराजपुर गांव निवासी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान लक्ष्मण कुमार यादव की मोटरसाइकिल की डंपर से टक्कर हो गई। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल यादव की बाद में अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।

चतरा से भाजपा सांसद कालीचरण सिंह और सिमरिया के विधायक उज्ज्वल कुमार दास ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और सिमरिया उप-संभागीय हेडक्वार्टर चौक पर एक अलग नाकेबंदी का नेतृत्व किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि ज़िला प्रशासन उनकी मांगों को पूरा करने में नाकाम रहा है।

इस जाम के कारण लातेहार के बालूमाथ रेलवे साइडिंग और हजारीबाग के कटकमसांडी रेलवे साइडिंग से उत्तर प्रदेश, बिहार तथा अन्य राज्यों के लिए होने वाला कोयला परिवहन भी प्रभावित हुआ।

सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हजारीबाग से होने वाले कोयला परिवहन का लाभ कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि के माध्यम से हजारीबाग जिले को मिलता है, जबकि चतरा के लोगों को केवल धूल, दुर्घटनाएं और मौतें मिलती हैं।’’

सांसद ने कहा कि उन्होंने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), एनटीपीसी और जिला प्रशासन के साथ हुई बैठकों में कोयला परिवहन के लिए अलग मार्ग की मांग उठाई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रशासन के साथ बातचीत जारी है, लेकिन यदि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो किसी भी कीमत पर हजारीबाग से चतरा मार्ग होकर कोयला परिवहन नहीं होने दिया जाएगा।’’

सिंह ने कहा, ‘‘मैं परिवहन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने तथा ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की भी मांग करता हूं।’’

यह हादसा डेल्हो घाटी के पास उस समय हुआ था, जब यादव सिमरिया से अपने घर लौट रहे थे। उन्हें पहले सिमरिया रेफरल अस्पताल ले जाया गया और बाद में हजारीबाग रेफर किया गया। रिम्स, रांची ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना देल्हो घाटी के पास हुई। यादव जम्मू-कश्मीर में तैनात थे और एक महीने की छुट्टी पर सात दिन पहले ही अपने घर आए थे।

सिमरिया के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) नगरगोजे शुभम भाऊसाहेब ने कहा, ‘‘परिजन 11 लाख रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में परिवहन कंपनियों के साथ बातचीत जारी है। स्थानीय लोग हजारीबाग जिले की ओर से इस मार्ग पर कोयला ढोने वाले वाहनों का परिचालन बंद करने की भी मांग कर रहे हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है।’’

सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सिमरिया विधानसभा प्रभारी और केंद्रीय समिति के सदस्य मनोज चंद्रा स्थानीय लोगों के साथ शनिवार सुबह 10 बजे से घटनास्थल पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारी दो प्रमुख मांगें हैं। पहली, हजारीबाग से इस मार्ग पर कोयला ढोने वाले वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई जाए और दूसरी, इन वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों के परिजनों को कम से कम 11 लाख रुपये का निश्चित मुआवजा दिया जाए।’’

चंद्रा ने आरोप लगाया कि हजारीबाग जिले के चट्टी-बरियातू से सिमरिया-देल्हो मार्ग पर कोयला ढोने वाले वाहन लापरवाही से चलाए जा रहे हैं, जिससे सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि परिवहन कंपनियों की मनमानी चरम पर है और प्रशासनिक अधिकारी कोयला कंपनियों के समर्थन से ऐसे मामलों को दबा रहे हैं।

भाषा राखी शोभना

शोभना