जयपुर, 11 जुलाई (भाषा) राजस्थान के खान विभाग ने खनिजों के लिए जयपुर में एक बहुआयामी और बहुउद्देश्यीय ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (उत्कृष्टता केंद्र) स्थापित करने की योजना बनाई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह केंद्र राज्य के विशाल खनिज संसाधनों को प्रदर्शित करने के साथ-साथ शोध आधारित जानकारी भी उपलब्ध कराएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान) अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि प्रस्तावित केंद्र में छोटे से लेकर बड़े खनिजों, दुर्लभ मृदा तत्वों और महत्वपूर्ण खनिजों सहित विभिन्न प्रकार के खनिजों पर व्यापक एवं शोधपरक सामग्री उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा, “जयपुर में विकसित किया जा रहा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर माइन्स’ राज्य, देश और दुनिया भर के विद्वानों को राजस्थान के खनिजों के बारे में तथ्यात्मक और व्यावहारिक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा।”
अरोड़ा ने बताया कि इस केंद्र को बहुआयामी सुविधा के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो विभिन्न वर्गों के लोगों के लिए उपयोगी होगा।
उन्होंने बताया, “इसे बहुउद्देश्यीय बनाया जाएगा ताकि यह न केवल बच्चों और छात्रों के लिए बल्कि शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए भी उपयोगी साबित हो।” इस केंद्र की स्थापना की प्रारंभिक तैयारियों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक भी की गई।
अरोड़ा ने राज्य की खनिज संपदा का उल्लेख करते हुए बताया कि राजस्थान खनिजों के मामले में समृद्ध राज्य है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 82 प्रकार के खनिज पाए जाते हैं, जिनमें से 57 का वर्तमान में खनन किया जा रहा है।
भाषा पृथ्वी जितेंद्र
जितेंद्र