तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ उच्चतम न्यायालय पहुंचे

तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ उच्चतम न्यायालय पहुंचे

तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न मामले में दोषसिद्धि के खिलाफ उच्चतम न्यायालय पहुंचे
Modified Date: August 20, 2026 / 01:05 pm IST
Published Date: August 20, 2026 1:05 pm IST

नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) पत्रकार तरुण तेजपाल ने 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में अपनी दोषसिद्धि को चुनौती देने के लिए बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया।

बंबई उच्च न्यायालय के छह अगस्त के आदेश के खिलाफ यह अपील अधिवक्ता आदित्य समद्दार के माध्यम से दायर की गई है।

इससे पहले गोवा सरकार ने तहलका के पूर्व संपादक की सजा बढ़ाए जाने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। सरकार का कहना है कि इस मामले में आजीवन कारावास की सजा दी जानी चाहिए।

उच्च न्यायालय ने तेजपाल को बलात्कार का दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। उसने अधीनस्थ अदालत द्वारा पांच साल पहले तेजपाल को बरी किए जाने के फैसले को पलट दिया था।

गोवा सरकार ने उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका में कहा है कि उच्च न्यायालय द्वारा दी गई सजा तेजपाल के अपराधों की प्रकृति और गंभीरता के अनुपात में बेहद कम है।

तेजपाल को 2013 में गोवा में ‘तहलका’ पत्रिका द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में अपनी एक कनिष्ठ सहकर्मी से बलात्कार का दोषी ठहराया गया है। तेजपाल (62) ने दावा किया था कि वह राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार हुए हैं।

भाषा

सिम्मी मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में