SC On Bengal SIR: सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल के SIR पर उठाए सवाल, कहा- हम चुनाव की वजह से अंधे नहीं हो सकते, निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल के SIR पर उठाए सवाल, कहा- हम चुनाव की वजह से अंधे नहीं हो सकते, Supreme Court On Bengal SIR

SC On Bengal SIR: सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल के SIR पर उठाए सवाल, कहा- हम चुनाव की वजह से अंधे नहीं हो सकते, निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब

Supreme Court On Bengal SIR. Image Source- IBC24

Modified Date: April 13, 2026 / 06:36 pm IST
Published Date: April 13, 2026 6:19 pm IST

नई दिल्लीः Supreme Court On Bengal SIR सोमवार को पश्चिम बंगाल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सर्वोच्च अदालत ने कई अहम टिप्पणी की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि मतदाताओं का चुनावी सूची में बने रहने का अधिकार को किसी भी हाल में चुनावी दबाव के कारण प्रभावित नहीं किया जा सकता। लोकतंत्र में वोटर का अधिकार केवल कानूनी नहीं, बल्कि भावनात्मक महत्व भी रखता है।

दरअसल, पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विवाद चल रहा है। इसी मामले को लेकर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनावों की गहमागहमी और दबाव के बीच भी अदालत मतदाताओं के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं कर सकती। बेंच ने कहा, ”जिस देश में आपका जन्म हुआ है, वहां वोटर बने रहने का अधिकार केवल संवैधानिक नहीं है।” कोर्ट ने कहा कि ये एक भावनात्मक अधिकार भी है। हमें इसकी रक्षा करनी होगी। भारत निर्वाचन आयोग ने बताया कि वोटर लिस्ट को 9 अप्रैल की तारीख के आधार पर अंतिम रूप दे दिया गया है। हालांकि, कोर्ट ने इस प्रक्रिया में कुछ कमियों की ओर इशारा किया। लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी जैसी नई श्रेणी पर सवाल उठाए। बेंच ने यह भी याद दिलाया कि पहले के मामलों में आयोग ने 2002 की मतदाता सूची के लोगों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगने की जरूरत नहीं बताई थी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भारत निर्वाचन आयोग अपील प्रक्रिया में जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं करा रहा है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

बंगाल में 11.85% नाम हटे, ज्यादातर बांग्लादेश बॉर्डर के पास

Supreme Court On Bengal SIR पश्चिम बंगाल में अक्टूबर 2025 में कुल वोटर 7.66 करोड़ थे। इनमें से अब तक 90.83 लाख नाम हटाए गए। लगभग 11.85% वोटर कम हो गए। यानी अब राज्य में 6.76 करोड़ वोटर हैं। चुनाव आयोग ने फाइनल आंकड़े जारी नहीं किए हैं। इसके अलावा जांच के तहत आए 60.06 लाख वोटरों में से 27.16 लाख के नाम हटाए गए। बांग्लादेश सीमा से लगे जिलों में भी बड़े स्तर पर नाम हटे। नॉर्थ 24 परगना में 5.91 लाख में से 3.25 लाख नाम हटे। वहीं, 8.28 लाख में से 2.39 लाख नाम हटे।

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