Supreme Court on Twisha Sharma Death Case || AI Generated File
भोपाल: प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सोमवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। (Supreme Court on Twisha Sharma Death Case) शीर्ष अदालत ने कहा कि मामले में “संस्थागत पक्षपात” और जांच की निष्पक्षता पर उठे सवालों को देखते हुए उसने स्वतः संज्ञान याचिका दर्ज की। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह मामले के गुण-दोष पर कोई राय नहीं दे रही है और जांच एजेंसी स्वतंत्र रूप से सभी पहलुओं की जांच करेगी।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि 33 वर्षीय कॉर्पोरेट प्रोफेशनल और पूर्व अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल स्थित ससुराल में अस्वाभाविक मौत हुई थी। इसके बाद मीडिया रिपोर्ट्स में आरोप लगाए गए कि मृतका के पति के वकील होने और सास के सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश होने के कारण जांच प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने कहा कि इसी पृष्ठभूमि में स्वतः संज्ञान कार्यवाही शुरू की गई।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के 22 मई के आदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें सभी संदेह दूर करने और आमजन का भरोसा कायम रखने के लिए दूसरी पोस्टमार्टम जांच कराने के निर्देश दिए गए थे। (Supreme Court on Twisha Sharma Death Case) कोर्ट को बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के पालन में एम्स दिल्ली के डॉक्टरों की टीम ने भोपाल में दूसरा पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश कर दी है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि राज्य सरकार स्वयं सीबीआई जांच चाहती है, इसलिए उम्मीद है कि सीबीआई तुरंत जांच अपने हाथ में लेकर जल्द निष्कर्ष तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने मृतका के परिवार और आरोपी पक्ष दोनों को सार्वजनिक मंचों और मीडिया में बयानबाजी से बचने की सलाह दी। अदालत ने कहा कि दोनों पक्ष अपनी बात जांच एजेंसी के सामने रखें ताकि निष्पक्ष जांच प्रभावित न हो। (Supreme Court on Twisha Sharma Death Case) कोर्ट ने मीडिया से भी संभावित गवाहों या आरोपितों के बयान प्रसारित करने से बचने को कहा, क्योंकि इससे जांच पूरी होने से पहले ही मामलों पर पूर्वाग्रह बन सकता है। शीर्ष अदालत ने आम जनता से भी अपील की कि वे अटकलों से बचें और देश की प्रमुख जांच एजेंसी पर भरोसा रखें। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई समय के साथ जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाएगी।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने आरोपों की सत्यता, दोनों पक्षों के अधिकारों या विशेषाधिकारों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने कहा कि सभी पक्ष कानून के अनुसार उचित मंच पर अपने अधिकारों का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र रहेंगे। इन टिप्पणियों और निर्देशों के साथ सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान याचिका का निराकरण कर दिया।
#WATCH | Delhi: Twisha Sharma death case | Advocate Anurag Srivastav representing the victim, says, “It went very well. This was a highly publicised and sensitive case, and Twisha’s family feels a deep sense of satisfaction that the Supreme Court itself took suo motu cognisance… pic.twitter.com/fkbWFwHf21
— ANI (@ANI) May 25, 2026
Delhi: On the Twisha Sharma death case, Twisha’s maternal aunt, Anuradha Sharma says, “We hope that our child gets justice as soon as possible… The culprits are punished. She was a very good-natured, very cheerful, and lively girl…” pic.twitter.com/6u6C8azN4n
— IANS (@ians_india) May 25, 2026
सीबीएसई पाठ्यक्रम में मैथिली को शामिल किया जाना मिथिला के लिए गर्व की बात: सम्राट चौधरी
आत्मविश्वास से भरी भारतीय महिला हॉकी टीम आस्ट्रेलियाई चुनौती के लिये तैयार
फिलीपीन : निर्माणाधीन होटल के ढहने से चार लोगों की मौत और 17 लापता
जौनपुर में दूल्हा हत्याकांड का मुख्य आरोपी मुठभेड़ में मारा गया, थाना प्रभारी गोली लगने से घायल
केरल उच्च न्यायालय ने जनजातीय समुदाय के व्यक्ति की हत्या के मामले में पहले आरोपी को बरी किया
सेबी ने 20 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर हेरफेर मामले में सात व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाया