Ram Mandir Employees Resignation: चंदा चोरी के मामले के बीच राम मंदिर के 20 से अधिक कर्मचारियों ने अचानक दिया इस्तीफा, दान की गिनती के लिए लगाई गई थी ड्यूटी, बताई ये वजह

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Ram Mandir Employees Resignation: चंदा चोरी के मामले के बीच राम मंदिर के 20 से अधिक कर्मचारियों ने अचानक दिया इस्तीफा, दान की गिनती के लिए लगाई गई थी ड्यूटी, बताई ये वजह

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  • Publish Date - July 10, 2026 / 09:44 AM IST,
    Updated On - July 10, 2026 / 09:45 AM IST

Ram Mandir Employees Resignation: चंदा चोरी के मामले के बीच राम मंदिर के 20 से अधिक कर्मचारियों ने अचानक दिया इस्तीफा, दान की गिनती के लिए लगाई गई थी ड्यूटी, बताई ये वजह / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • 23 कर्मचारियों ने एक साथ दिया इस्तीफा
  • मासिक अवकाश (छुट्टियां) भी कम कर दी गईं
  • ड्यूटी 6 घंटे से बढ़ाकर 9 घंटे कर दी गई

अयोध्या: Ram Mandir Employees Resignation राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले ने देशभर में हड़कंप मचा दिया है। मामले में रोजाना नए खुलासे और तथ्य सामने आ रहे हैं। फिलहाल मामले में जांच लगातार जारी है। लेकिन इस बीच अयोध्या से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। खबर है कि राम मंदिर में दान की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। 23 कर्मचारियों के एक साथ इस्तीफा देने से हड़कंप मच गया है। वहीं, दान गिनती का काम प्रभावित हो गया है। हालांकि इस मुद्दे पर अभी ट्रस्ट के किसी भी अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है।

20 से अधिक कर्मचारियों ने दिया इस्तीफा

Ram Mandir Employees Resignation मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को राम मंदिर में दान की गिनती करने वाले 23 से अधिक कर्मचारियों ने एक साथ अपना इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि इन कर्मचारियों ने बुधवार को अपना इस्तीफा सौंपा था और इसके बाद से गुरुवार को महज 13 लोगों ने दान की गिनती की है। इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों की मानें तो मंदिर में चढ़ावा गणना का काम पहले दो शिफ्टों में होता था। प्रकरण सामने आने के बाद कई लोगों को हटाया गया। इसके बाद एहतियातन दो शिफ्टों का काम एक शिफ्ट में कर दिया गया। पहले जहां छह घंटे की ड्यूटी थी, उसे बढ़ाकर नौ घंटे कर दिया गया है।

इस वजह से कर्मचारियों ने दिया इस्तीफा

उन्होंने बताया कि सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक की शिफ्ट में काम लिया जा रहा था। इतना ही नहीं, पहले जहां उन सभी को 14755 रुपए मासिक पगार मिलती थी, उसे भी घटा दिया गया। यह पगार भी लोगों की अलग-अलग कर दी गई, यानी किसी की आठ तो किसी को ग्यारह हजार रुपए महीना। इसके अलावा महीने में मिलने वाली छुट्टियों की संख्या भी कम कर दी गई है। इस्तीफा देने वाले कर्मचारी ने बताया कि बुधवार शाम काम खत्म करने के बाद सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया। कर्मचारियों ने काम के घंटे, पगार को पूर्ववत करने की मांग की। कर्मचारियों ने इसकी शिकायत एसबीआई तुलसी उद्यान शाखा, अयोध्या के अधिकारियों के साथ-साथ सैनिक सिक्योरिटी के सुपरवाइजर जयराम यादव से भी की। मगर उनकी मांग अस्वीकार कर दी गई।

दान की गिनती के लिए अब महज 13 कर्मचारी

वहीं, बैंक से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को केवल 13 गणनाकर्मियों ने ही काम किया। इसका असर गणना कार्य पर पड़ा है। हालांकि, सभी स्तर पर यह प्रयास किया जा रहा है कि नए कर्मचारियों की जल्द से जल्द भर्ती कर ली जाए। मगर चढ़ावा चोरी कांड के बाद किसी भी कर्मचारी को बिना पर्याप्त सत्यापन नहीं रखा जा सकता है, इसलिए समय लगेगा। वहीं, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने मणिराम छावनी मंदिर जाकर मुलाकात की। उनके साथ गोपाल राव भी मौजूद थे। पद मिलने के बाद पहली बार कृष्ण मोहन अध्यक्ष से मुलाकात करने के लिए मंदिर पहुंचे थे और एक घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी की। इस मुलाकात को भी इसी सामूहिक इस्तीफा प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।

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Ram Mandir Donation Counting मामले में कितने कर्मचारियों ने इस्तीफा दिया है?

दान की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया है।

कर्मचारियों ने इस्तीफा क्यों दिया?

कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी ड्यूटी बढ़ाई गई, वेतन घटाया गया और छुट्टियां कम कर दी गईं।

क्या दान की गिनती का काम प्रभावित हुआ है?

हां, इस्तीफों के बाद केवल 13 कर्मचारी ही काम पर पहुंचे, जिससे दान की गिनती प्रभावित हुई।

क्या राम मंदिर ट्रस्ट ने इस मामले पर बयान दिया है?

खबर लिखे जाने तक ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

नए कर्मचारियों की भर्ती होगी?

हां, नए कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी, लेकिन चढ़ावा चोरी मामले के बाद विस्तृत सत्यापन के बाद ही नियुक्तियां की जाएंगी।