Ram Mandir Employees Resignation: चंदा चोरी के मामले के बीच राम मंदिर के 20 से अधिक कर्मचारियों ने अचानक दिया इस्तीफा, दान की गिनती के लिए लगाई गई थी ड्यूटी, बताई ये वजह / Image: AI Generated
अयोध्या: Ram Mandir Employees Resignation राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले ने देशभर में हड़कंप मचा दिया है। मामले में रोजाना नए खुलासे और तथ्य सामने आ रहे हैं। फिलहाल मामले में जांच लगातार जारी है। लेकिन इस बीच अयोध्या से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। खबर है कि राम मंदिर में दान की गिनती करने वाले 23 कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। 23 कर्मचारियों के एक साथ इस्तीफा देने से हड़कंप मच गया है। वहीं, दान गिनती का काम प्रभावित हो गया है। हालांकि इस मुद्दे पर अभी ट्रस्ट के किसी भी अधिकारी का बयान सामने नहीं आया है।
Ram Mandir Employees Resignation मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को राम मंदिर में दान की गिनती करने वाले 23 से अधिक कर्मचारियों ने एक साथ अपना इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि इन कर्मचारियों ने बुधवार को अपना इस्तीफा सौंपा था और इसके बाद से गुरुवार को महज 13 लोगों ने दान की गिनती की है। इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों की मानें तो मंदिर में चढ़ावा गणना का काम पहले दो शिफ्टों में होता था। प्रकरण सामने आने के बाद कई लोगों को हटाया गया। इसके बाद एहतियातन दो शिफ्टों का काम एक शिफ्ट में कर दिया गया। पहले जहां छह घंटे की ड्यूटी थी, उसे बढ़ाकर नौ घंटे कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक की शिफ्ट में काम लिया जा रहा था। इतना ही नहीं, पहले जहां उन सभी को 14755 रुपए मासिक पगार मिलती थी, उसे भी घटा दिया गया। यह पगार भी लोगों की अलग-अलग कर दी गई, यानी किसी की आठ तो किसी को ग्यारह हजार रुपए महीना। इसके अलावा महीने में मिलने वाली छुट्टियों की संख्या भी कम कर दी गई है। इस्तीफा देने वाले कर्मचारी ने बताया कि बुधवार शाम काम खत्म करने के बाद सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया। कर्मचारियों ने काम के घंटे, पगार को पूर्ववत करने की मांग की। कर्मचारियों ने इसकी शिकायत एसबीआई तुलसी उद्यान शाखा, अयोध्या के अधिकारियों के साथ-साथ सैनिक सिक्योरिटी के सुपरवाइजर जयराम यादव से भी की। मगर उनकी मांग अस्वीकार कर दी गई।
वहीं, बैंक से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को केवल 13 गणनाकर्मियों ने ही काम किया। इसका असर गणना कार्य पर पड़ा है। हालांकि, सभी स्तर पर यह प्रयास किया जा रहा है कि नए कर्मचारियों की जल्द से जल्द भर्ती कर ली जाए। मगर चढ़ावा चोरी कांड के बाद किसी भी कर्मचारी को बिना पर्याप्त सत्यापन नहीं रखा जा सकता है, इसलिए समय लगेगा। वहीं, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने मणिराम छावनी मंदिर जाकर मुलाकात की। उनके साथ गोपाल राव भी मौजूद थे। पद मिलने के बाद पहली बार कृष्ण मोहन अध्यक्ष से मुलाकात करने के लिए मंदिर पहुंचे थे और एक घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी की। इस मुलाकात को भी इसी सामूहिक इस्तीफा प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।