कुत्ते के काटने की घटनाओं के लिए राज्यों को भारी मुआवजा देने का निर्देश देंगे : न्यायालय

कुत्ते के काटने की घटनाओं के लिए राज्यों को भारी मुआवजा देने का निर्देश देंगे : न्यायालय

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  • Publish Date - January 13, 2026 / 02:29 PM IST,
    Updated On - January 13, 2026 / 02:29 PM IST

नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने पिछले पांच वर्षों में आवारा पशुओं से संबंधित नियमों के क्रियान्वयन के लिए कोई कदम नहीं उठाए जाने पर चिंता व्यक्त की और मंगलवार को कहा कि वह कुत्ते के काटने की घटनाओं के लिए राज्यों को ‘‘भारी मुआवजा’’ देने का आदेश देगा।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि कुत्ते के काटने की घटनाओं के लिए कुत्ता प्रेमियों और उन्हें खाना खिलाने वालों को भी ‘जिम्मेदार’ और ‘जवाबदेह’ ठहराया जाएगा।

न्यायमूर्ति नाथ ने कहा, ‘‘कुत्तों के काटने से बच्चों या बुजुर्गों की मृत्यु या चोट के हर मामले के लिए हम राज्य सरकारों से भारी मुआवजा देने की मांग करेंगे क्योंकि उन्होंने पिछले पांच वर्षों में नियमों के कार्यान्वयन के संबंध में कुछ नहीं किया है। साथ ही, इन आवारा कुत्तों को खाना खिलाने वालों की भी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी। अगर आपको इन जानवरों से इतना प्यार है तो आप उन्हें अपने घर क्यों नहीं ले जाते? ये कुत्ते इधर-उधर क्यों घूमते हैं, लोगों को काटते हैं और डराते हैं?’’

न्यायमूर्ति मेहता ने न्यायमूर्ति नाथ के विचारों से सहमति जताते हुए कहा, ‘‘जब कुत्ते नौ साल के बच्चे पर हमला करते हैं तो किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए? वह संगठन जो उन्हें खाना खिला रहा है? आप चाहते हैं कि हम इस समस्या से आंखें मूंद लें।’’

उच्चतम न्यालय सात नवंबर, 2025 के अपने उस आदेश में संशोधन के अनुरोध वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें अधिकारियों को सार्वजनिक स्थानों और सड़कों से इन आवारा जानवरों को हटाने का निर्देश दिया गया था।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा