नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) सरकार ने सोमवार को लोकसभा को बताया कि देश में किसी भी शहर को ‘विरासत शहर’ घोषित करने के लिए कोई ‘फ्रेमवर्क’ या मापदंड नहीं है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
कांग्रेस सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने सवाल किया था कि क्या सरकार ने राजस्थान के झुंझुनू संसदीय क्षेत्र के किसी कस्बे/शहर को विरासत शहर घोषित किया है।
राजस्थान का झुंझुनू जिला शेखावाटी क्षेत्र में स्थित है, जो अपनी पुरानी हवेलियों और भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने अपने लिखित उत्तर में कहा कि प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल अधिनियम, 1958 के अनुसार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों का संरक्षण और रखरखाव का दायित्व सौंपा गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार ने झुंझुनू संसदीय क्षेत्र के किसी भी कस्बे/शहर को विरासत शहर घोषित नहीं किया है।’’
मंत्री से यह भी पूछा गया था कि क्या सरकार, यूनेस्को या किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन ने किसी शहर को विरासत शहर घोषित करने के लिए कोई मापदंड निर्धारित किया है।
शेखावत ने कहा, ‘‘नहीं। सरकार या यूनेस्को द्वारा किसी शहर को विरासत शहर घोषित करने के लिए कोई मापदंड निर्धारित नहीं किया गया हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत में किसी भी शहर को विरासत शहर घोषित करने के लिए कोई मापदंड नहीं है।’’
हालांकि, उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक शहर अहमदाबाद (2017 में) और राजस्थान के जयपुर (2019 में) को यूनेस्को की विश्व विरासत संधि, 1972 के तहत विश्व विरासत स्थलों की सूची में शामिल किया गया है।
भाषा सुभाष अविनाश
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