नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल को यौन उत्पीड़न के मामले में दी गई अग्रिम जमानत बुधवार को बरकरार रखी।
न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने 12 फरवरी के केरल उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली पीड़िता की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने पीड़िता के खिलाफ की गई कुछ टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया।
पीठ ने कहा, ‘‘हम उच्च न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं, लेकिन याचिकाकर्ता के संबंध में की गई टिप्पणियां आवश्यक नहीं थीं। इसलिए उन्हें हटाया जाता है।’’
पीड़िता के वकील ने दलील दी कि दोनों के बीच सहमति से संबंध बनने संबंधी उच्च न्यायालय की टिप्पणी से मुकदमे की सुनवाई प्रभावित हो सकती है।
इससे पहले, केरल उच्च न्यायालय ने ममकूटाथिल की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर करते हुए हुए कहा था कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि उन्हें हिरासत में रखकर पूछताछ जरूरी है।
पलक्कड़ के विधायक ममकूटाथिल को राहत देते हुए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने कहा था कि शिकायतकर्ता के व्यवहार से “प्रथम दृष्टया सहमति से संबंध” होने का संकेत मिलता है, हालांकि इसपर अंतिम निर्णय निचली अदालत लेगी।
भाषा जोहेब सुरेश
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