हैदराबाद, 16 जनवरी (भाषा) हैदराबाद में एक मंदिर के बरामदे में स्थापित मूर्ति को कथित रूप से क्षतिग्रस्त करने के मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार को कमाटीपुरा थाने में दो मामले दर्ज किए गए। इनमें एक मामला मंदिर के बरामदे में लगे बैनर और प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने से संबंधित है, जबकि दूसरा मामला इसके बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले और एक समुदाय विशेष के धार्मिक ढांचे में कथित तोड़फोड़ से जुड़ा है।
इस घटना के बाद बुधवार देर रात यहां पुरानापुल इलाके में हल्का तनाव व्याप्त हो गया था। इस दौरान भीड़ द्वारा किए गए पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
हैदराबाद पुलिस की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया, “पुरानापुल दरवाजा स्थित मैस्सम्मा मंदिर में हुई घटना के संबंध में दर्ज मामले के संदिग्ध को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना में मंदिर के बरामदे में लगे फ्लेक्सी बैनर और पीओपी से बनी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया था। संदिग्ध को घटना के 24 घंटे के भीतर पकड़ लिया गया।”
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने के लिए आरोपी से पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार की निगरानी में की गई।
पुलिस ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले में सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि गर्भगृह में स्थापित मूर्तियां पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस ने कहा, “आरोपी मुख्य मंदिर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाया। मुख्य मूर्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है।” उन्होंने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में शांति है।
भाषा मनीषा वैभव
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