शुभेंदु ने ‘विकसित और सुरक्षित’ बंगाल बनाने का संकल्प लिया

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शुभेंदु ने ‘विकसित और सुरक्षित’ बंगाल बनाने का संकल्प लिया

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  • Publish Date - May 5, 2026 / 07:14 PM IST,
    Updated On - May 5, 2026 / 07:14 PM IST

कोलकाता, पांच मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शानदार चुनावी जीत के एक दिन बाद मंगलवार को इसके वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में पार्टी की नई सरकार के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए एक ‘विकसित, समृद्ध और सुरक्षित’ राज्य के निर्माण का संकल्प लिया।

‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अधिकारी ने राज्य की जनता को ‘भारी समर्थन’ के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि नई सरकार जनसेवा और समावेशी विकास को प्राथमिकता देगी।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा एक विकसित, समृद्ध और सुरक्षित पश्चिम बंगाल के लिए प्रतिबद्ध है। हम अपने वादों को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। सभी के साथ मिलकर, हम एक स्वस्थ, सुंदर और विकसित राज्य का निर्माण करेंगे। राज्य की जनता की सेवा करना नई सरकार का प्राथमिक लक्ष्य होगा।’’

भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताने के लिए मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया और जनादेश को ‘प्रत्येक राष्ट्रवादी और प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता’ की जीत बताया।

अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए निर्वाचन आयोग, सरकारी अधिकारियों, केंद्रीय बलों और राज्य एवं कोलकाता पुलिस के कर्मियों को धन्यवाद दिया।

भाजपा ने 293 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर तृणमूल कांग्रेस को करारी शिकस्त दी और राज्य में उसके 15 साल के शासन का अंत कर दिया।

हालांकि, पार्टी ने अभी तक औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव प्रचार के दौरान संकेत दिया था कि अगला मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल का ही निवासी होगा।

भाजपा के चुनाव प्रचार में अहम भूमिका निभाने वाले और राज्य में पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक बनकर उभरे अधिकारी ने दोहराया कि नई सरकार केंद्र के ‘विकसित भारत’ के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप काम करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को अपने विजय भाषण में भारत के विकास पथ के एक भाग के रूप में ‘विकसित पश्चिम बंगाल’ के महत्व पर जोर दिया था।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अधिकारी का बयान भाजपा की ओर से शासन, स्थिरता और विकास को अपने प्रशासन के मुख्य स्तंभों के रूप में प्रस्तुत करने का संकेत है, जबकि नई सरकार के नेतृत्व को लेकर आंतरिक विचार-विमर्श जारी है।

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप