शुभेंदु ने बंगाल चुनाव में देरी होने पर राष्ट्रपति शासन लागू होने की चेतावनी दी

शुभेंदु ने बंगाल चुनाव में देरी होने पर राष्ट्रपति शासन लागू होने की चेतावनी दी

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  • Publish Date - October 16, 2025 / 06:24 PM IST,
    Updated On - October 16, 2025 / 06:24 PM IST

जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल), 16 अक्टूबर (भाषा) पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से सरकार बदलने की बात कहते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष शुभेंदु अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर चुनाव प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हुई तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाएगा।

जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में एक जनसभा के दौरान अधिकारी ने कहा कि अगर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा नहीं हुआ तो चुनाव नहीं होंगे।

अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर चार मई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो उसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार होगी और एसआईआर चुनाव से पहले ‘सेमीफाइनल’ साबित होगा।

अधिकारी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में टीएमसी और भाजपा को मिले वोट के बीच का अंतर केवल 42 लाख है। उन्होंने कहा, ‘‘मतदाता सूची में अवैध रूप से दर्ज लगभग 2.4 करोड़ नाम हटा दिए जाएंगे।’’

अधिकारी ने जोर देकर कहा कि अवैध प्रवासियों और अन्य कारणों से पात्र नहीं होने वाले लोगों के नाम एसआईआर के बाद मतदाता सूची में नहीं रहेंगे।

पार्टी के लोकसभा सदस्य खगेन मुर्मू पर हुए हमले के विरोध में भाजपा की रैली का नेतृत्व करने के बाद बैठक में अधिकारी ने कहा, ‘‘मैं भवानीपुर में ममता (बनर्जी) को हराऊंगा।’’

बनर्जी को 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर अधिकारी ने 1,900 से अधिक मतों से हराया था और इसके बाद बनर्जी ने भवानीपुर उपचुनाव में जीत हासिल की थी।

नंदीग्राम सीट के चुनावी परिणाम को कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है।

एसआईआर में मतदाताओं के नाम हटाए जाने की स्थिति में तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा दी गई विरोध प्रदर्शन की चेतावनी को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अधिकारी ने कहा, ‘‘हम ‘एसआईआर नहीं तो चुनाव नहीं’ के नारे के साथ रैलियां करेंगे।’’

उन्होंने उत्तर बंगाल के बाढ़ प्रभावित निवासियों को भी संबोधित किया और कहा कि भाजपा उनके पुनर्वास के लिए धन मुहैया कराएगी।

अधिकारी ने कहा कि मालदा उत्तर से भाजपा सांसद मुर्मू अनुसूचित जनजाति समुदाय से हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के आदिवासी मोर्चा ने अनुभवी सांसद पर हमले के खिलाफ पूरे बंगाल में विरोध प्रदर्शन किया है।

उन्होंने कहा कि मुर्मू को स्वस्थ होने में अभी दो महीने और लगेंगे। उन्होंने दावा किया कि हमले के संबंध में राज्य पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारियां महज दिखावा हैं।

अधिकारी ने कहा कि भाजपा इस मामले की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) जांच और अदालत की निगरानी में जांच चाहती है।

मुर्मू और भाजपा विधायक शंकर घोष छह अक्टूबर को बाढ़ प्रभावित नागराकाटा के दौरे के दौरान भीड़ द्वारा किए गए हमले में घायल हो गए थे।

भाजपा सांसद मनोज तिग्गा (अलीपुरद्वार) और जयंत रॉय (जलपाईगुड़ी) के साथ ही कई विधायकों ने भी नागराकाटा शहर में विरोध रैली में भाग लिया।

भाषा यासिर नरेश

नरेश