कश्मीर के कुछ हिस्सों में प्रतिबंध; शिया बहुल इलाकों में विरोध प्रदर्शन

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कश्मीर के कुछ हिस्सों में प्रतिबंध; शिया बहुल इलाकों में विरोध प्रदर्शन

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  • Publish Date - March 13, 2026 / 04:30 PM IST,
    Updated On - March 13, 2026 / 04:30 PM IST

श्रीनगर, 13 मार्च (भाषा) अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के विरोध में कश्मीर के मागम तथा बडगाम समेत कुछ शिया बहुल इलाकों में शुक्रवार को प्रदर्शन किए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

‘जुमा-तुल-विदा’ यानी रमजान के आखिरी जुमे (शुक्रवार) पर विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए सुबह श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों -खासकर शिया बहुल क्षेत्रों में प्रतिबंध लगा दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शनों की संभावना को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के मकसद से एहतियाती उपाय के तौर पर सुबह लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका तथा इजराइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के खिलाफ और फलस्तीन के समर्थन में नारेबाजी की।

अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।

उन्होंने बताया कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही थी।

अधिकारियों ने बताया कि ‘जुमा-तुल-विदा’ को फलस्तीन के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए ‘यौम-उल-कुद्स’ के रूप में भी मनाया जा रहा है और नमाज के बाद इजराइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की आशंका है।

अधिकारियों ने शहर के नौहट्टा इलाके में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद को भी बंद कर दिया।

कश्मीर के प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पवित्र रमजान के आखिरी जुमे को जब हजारों लोग श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में नमाज अदा करने और दुआ मांगने के लिए कस्बों तथा गांवों से इकट्ठा हुए, तो एक बार फिर से मस्जिद के दरवाजे चारों तरफ से बंद कर दिए गए।’’

उन्होंने कहा कि यह लगातार सातवां वर्ष है, ‘‘जब शासकों ने मुसलमानों को यहां नमाज पढ़ने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है’’।

मीरवाइज ने कहा, ‘‘जिस तरह इजराइल ने रमज़ान के दौरान मस्जिद अल-अक्सा के दरवाजे जबरन बंद कर दिए, उसी तरह यहां भी दर्दनाक स्थिति देखी जा रही है। हम बहुत दुखी हैं। अल्लाह के घरों को श्रद्धालुओं के लिए बंद करने वाले लोगों पर धिक्कार है।’’

भाषा यासिर दिलीप

दिलीप