Reported By: Pavan Kaurav
,MP Board 12th Topper Aditya Kushwaha || Image- IBC24 News File
नरसिंहपुर: माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं-12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए 15 अप्रैल का दिन खास रहा। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका रिजल्ट जारी किया। इस बार भी दोनों परीक्षाओं में छात्राओं ने बाजी मारी है। 12वीं का रिजल्ट तो 16 साल का सर्वश्रेष्ठ रिजल्ट रहा। हाईस्कूल परीक्षा में पन्ना के गुनौर के सरस्वती ज्ञान मंदिर की छात्रा प्रतिभा सिंह सोलंकी ने टॉप किया है। (MP Board 12th Topper Aditya Kushwaha) उन्हें 500 अंकों में से 499 नंबर हासिल हुए। इसी तरह हायर सेकंडरी में वाणिज्य समूह की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने मेरिट में जगह बनाई है। उन्होंने 500 में से 494 अंक प्राप्त किए। इस बार के रिजल्ट में जनजातीय जिलों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है।
बात करें नरसिंहपुर के तो जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो साबित करती है कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, मेहनत और हौसले के दम पर सफलता हासिल की जा सकती है।
दरअसल नरसिंहपुर जिले के साईखेड़ा के रहने वाले कक्षा 12 वीं के छात्र आदित्य कुशवाहा ने 485 अंक अर्जित कर प्रदेश में आठवां स्थान हासिल किया है। लेकिन इस सफलता के पीछे संघर्ष की एक बड़ी कहानी छिपी है। आदित्य के पिता जनक कुशवाहा फुल्की का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं और आदित्य की मां ग्रहणी है। सीमित आमदनी और संसाधनों के बीच भी उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।
इधर आदित्य ने भी अपने पिता की मेहनत को समझते हुए दिन-रात पढ़ाई की और यह मुकाम हासिल कर लिया। आदित्य चैतन्य व्ही.पी. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, साईखेड़ा के छात्र हैं। अपनी इस सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता और अपने आध्यात्मिक गुरु संत रामपाल जी महाराज को दिया है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि माता-पिता और बच्चे जान लगाकर परीक्षा की तैयारी करते हैं। इस बार का परीक्षा परिणाम के तुरंत बाद एक और परीक्षा मई में होने वाली है। हमारे जमाने में एक ही परीक्षा हुआ करती थी। (MP Board 12th Topper Aditya Kushwaha) अगर कोई असफल हुआ तो उसका पूरा साल खराब हो जाता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा नीति-2020 लागू की। उसी का परिणाम है कि हम बच्चों का साल बचा लेते हैं। यह परीक्षा परिणाम स्वर्णिम मध्यप्रदेश की नई गाथा पेश कर रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस परीक्षा में जनजातीय जिलों ने बाजी मारी है। इन जिलों के बच्चों और परीक्षा के आयोजकों ने कठिनाई और अभाव में भी क्षमता और योग्यता का प्रदर्शन किया। उनकी प्रतिभा ने आसमान को छुआ है। यह परीक्षा परिणाम नारी सशक्तिकरण को समर्पित है। बेटियों ने एक बार फिर बाजी मारी है। छात्रों को पीछे छोड़ते हुए छात्राओं ने दबदबा कायम रखा है। यह परिणाम बताता है कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संकल्प का क्या परिणाम आता है। हमने शासकीय विद्यालयों में जो गुणवत्ता कायम की है। हम प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़कर आगे बढ़े हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देता हूं। मध्यप्रदेश देश का इकलौता राज्य है, जहां किसी कारण से असफल होने पर छात्र-छात्राओं को दोबारा परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाता है। आगामी 5 मई के बाद यह परीक्षा शुरू होगी। स्कूल शिक्षा विभाग के अमले ने पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा कराई और परिणाम तैयार किया है। (MP Board 12th Topper Aditya Kushwaha) उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के ग्रामीण अंचल वाले जिलों में स्कूल शिक्षा के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।
इस वर्ष हाईस्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा दिनांक 13 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में कुल 8 लाख 97 हजार 061 परीक्षार्थी शामिल हुए। नियमित परीक्षार्थियों की संख्या 7 लाख 87 हजार 733 एवं स्वाध्यायी परीक्षार्थियों की संख्या 1 लाख 09हजार 328 रही है। परीक्षा में 73.42 प्रतिशत नियमित परीक्षार्थी तथा 26.38 प्रतिशत स्वाध्यायी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। नियमित छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 69.31 एवं नियमित छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 77.52 रहा। शासकीय विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 76.80 प्रतिशत एवं अशासकीय विद्यालयों का 68.64 प्रतिशत रहा है। शासकीय विद्यालयों का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है। प्रावीण्य सूची में 235 छात्राओं एवं 143 छात्रों (कुल 378) ने स्थान पाया है। प्रावीण्य सूची में इस वर्ष भी छात्राओं ने छात्रों की तुलना में अधिक स्थान प्राप्त किया है। प्रावीण्य सूची में सर्वाधिक अंक पन्ना के गुनौर के सरस्वती ज्ञान मंदिर की छात्रा प्रतिभा सिंह सोलंकी के हैं। उन्होंने कुल 500 में से 499 अंक प्राप्त किए। पहले नंबर पर अनूपपुर रहा। इस जिले का रिजल्ट 93.85 प्रतिशत रहा, जबकि दूसरे नंबर अलीराजपुर रहा। इस जिले का रिजल्ट 92.14 प्रतिशत रहा। इस वर्ष किसी भी छात्र का परीक्षा परिणाम पूरक घोषित नहीं किया गया है। कुल 2 लाख 89693 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप इस वर्ष से पूरक परीक्षा के स्थान पर द्वितीय अवसर परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण अनुपस्थित या ऐसे विद्यार्थी जो उत्तीर्ण हैं परंतु अपने अंकों में सुधार चाहते हैं, वे दिनांक 7 मई 2026 से आयोजित होने वाली द्वितीय अवसर परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा में कुल 47 नकल प्रकरण बने हैं।
इस वर्ष हायर सेकंडरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च तक आयोजित की गई। हायर सेकेंडरी परीक्षा में कुल 6 लाख 89 हजार 746 परीक्षार्थी शामिल हुए। नियमित परीक्षार्थियों की संख्या 6 लाख 13 हजार 634 एवं स्वाध्यायी परीक्षार्थियों की संख्या 76112 रही। परीक्षा में 76.01 प्रतिशत नियमित परीक्षार्थी और 30.60 प्रतिशत स्वाध्यायी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। यह परीक्षा परिणाम विगत 16 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ है। नियमित छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 72.39 एवं नियमित छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 79.41 रहा। शासकीय विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 80.43 प्रतिशत एवं अशासकीय विद्यालयों का 69.67 प्रतिशत रहा है। शासकीय विद्यालयों का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है। प्रावीण्य सूची में 158 छात्राओं एवं 63 छात्रों (कुल 221) ने स्थान पाया है। प्रावीण्य सूची में इस वर्ष भी छात्राओं ने छात्रों की तुलना में अधिक स्थान प्राप्त किया है। प्रावीण्य सूची में सर्वाधिक अंक वाणिज्य समूह की खुशी राय, शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उमावि, शिवाजी नगर, भोपाल, चांदनी विश्वकर्मा, अशासकीय गुरुदेव शिक्षा केन्द्र उमावि, नीलबद, ने पाए हैं। उन्होंने कुल 500 में से 494 अंक प्राप्त किए गए हैं। (MP Board 12th Topper Aditya Kushwaha) परीक्षा में झाबुआ जिला नंबर एक पर रहा। झाबुआ का रिजल्ट 93.23 प्रतिशत रहा, जबकि दूसरे नंबर पर अनूपपुर जिला रहा। इस जिले का रिजल्ट 93.04 प्रतिशत रहा। इस वर्ष किसी भी छात्र का परीक्षा परिणाम पूरक घोषित नहीं किया गया है। परीक्षा में 1 लाख 99 हजार 599 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप इस वर्ष से पूरक परीक्षा के स्थान पर द्वितीय अवसर परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण, अनुपस्थित या ऐसे विद्यार्थी जो उत्तीर्ण हैं परंतु अपने अंकों में सुधार चाहते हैं, वे 7 मई 2026 से आयोजित होने वाली द्वितीय अवसर परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं।