खंडवा, 24 जून (भाषा) मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में प्रसिद्ध ओंकारेश्वर मंदिर को नर्मदा नदी के पार स्थित ममलेश्वर मंदिर से जोड़ने वाले झूला पुल को ‘लोडिंग केबल’ का एक ‘क्लैस्प’ ढीला पाए जाने के बाद एहतियातन आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पुल को मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात बंद किया गया।
यह झूला पुल केवल पैदल यात्रियों के लिए है और इस पर वाहनों के आवागमन की अनुमति नहीं है।
ओंकारेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ममलेश्वर मंदिर के दर्शन के बिना ओंकारेश्वर की यात्रा अधूरी मानी जाती है। परंपरा के अनुसार, ओंकारेश्वर और ममलेश्वर दोनों मंदिर मिलकर एक पूर्ण पवित्र स्वरूप का निर्माण करते हैं।
ओंकारेश्वर मंदिर द्वीप पर स्थित है, जबकि ममलेश्वर मंदिर नर्मदा के दक्षिणी तट पर है।
खंडवा के जिलाधिकारी ऋषव गुप्ता ने बताया कि ‘लोडिंग केबल’ का एक ‘क्लैस्प’ ढीला पाया गया, जिसके बाद उसकी मरम्मत के लिए एक टीम पहुंची है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
गुप्ता ने कहा, ‘‘श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल को बंद किया गया है। हालांकि, निकट स्थित एक अन्य पैदल पुल लोगों के उपयोग के लिए खुला है।’’
उन्होंने बताया कि मरम्मत का कार्य जारी है और इसे पूरा होने में दो दिन लग सकते हैं, जिसके बाद पुल को फिर से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार देर रात मंदिर प्रशासन को पुल की ‘लोडिंग केबल’ के एक महत्वपूर्ण ‘क्लैस्प’ के ढीला होने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुल को तत्काल बंद कर दिया गया।
बुधवार सुबह स्थानीय प्रशासन ने पुल के दोनों ओर सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर दिया, प्रवेश द्वारों पर ताले लगा दिए तथा मरम्मत एवं निर्माण कार्य जारी होने संबंधी सूचना पट्ट भी लगाए।
ओंकारेश्वर के नायब तहसीलदार उदय मंडलोई ने बताया कि इस झूला पुल का निर्माणर्ष 2004 में नर्मदा हाइड्रोइलेक्ट्रिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने कराया था।
भाषा सं दिमो राजकुमार
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