कर्नाटक में नदियों का ऊफनाना अब भी चिंता का विषय: अधिकारी

कर्नाटक में नदियों का ऊफनाना अब भी चिंता का विषय: अधिकारी

कर्नाटक में नदियों का ऊफनाना अब भी चिंता का विषय: अधिकारी
Modified Date: July 31, 2024 / 10:44 pm IST
Published Date: July 31, 2024 10:44 pm IST

बेंगलुरु, 31 जुलाई (भाषा) कर्नाटक में बारिश की तीव्रता कम होने के बाद जिले के अधिकारियों ने कहा कि वे अब एहतियाती उपायों और नदियों व बांधों में पानी के प्रवाह पर नजर बनाए रखने के साथ-साथ बारिश से संबंधित नुकसान को नियंत्रित करने में सक्षम हैं।

बेलगावी के उपायुक्त मोहम्मद रोशन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “उदाहरण के लिए, हमने पिछले चार दिनों में 3.25 लाख क्यूसेक पानी छोड़कर अलमट्टी बांध में पर्याप्त जगह बना ली है। अब हम सतारा, सांगली और कोल्हापुर जिलों में भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र से आने वाले पानी के प्रवाह के लिए तैयार हैं, जो कृष्णा नदी और अलमट्टी बांध में बहेगा।”

रोशन के अनुसार, बेलगावी जिले में अब तक 55 गांवों में आंशिक रूप से बाढ़ आई है और करीब 7,000 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया, “बाढ़ वाले इलाकों में पानी अब कम हो रहा है और महाराष्ट्र के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश में कमी के कारण नदियों में भी जलस्तर कम हो रहा है।”

कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र (केएसएनडीएमसी) ने केंद्रीय जल आयोग का हवाला देते हुए भद्रावती नदी के किनारे निचले इलाकों में लोगों को सतर्क कर दिया है। वहीं शिवमोगा जिले के होलेहोन्नूर में नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

केएसएनडीएमसी ने बुधवार को लोगों से अपने पशुओं के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया।

शिवमोगा के उपायुक्त गुरुदत्त हेगड़े ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अधिकारी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए तैयारी में जुटे हैं।

हेगड़े ने बताया, “वर्तमान में भद्रावती नदी में लगभग 1.10 लाख क्यूसेक पानी बह रहा है। हमने निचले इलाकों से लगभग 100 परिवारों को स्थानांतरित कर दिया है। चूंकि बारिश की तीव्रता कम हो गई है, इसलिए हमने अभी तक विद्यालयों और पीयूसी के लिए छुट्टी घोषित नहीं की है।”

भाषा जितेंद्र पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में