बेंगलुरु, पांच जून (भाषा) कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी द्वारा विभागों के आवंटन को लेकर इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को मामले को ज्यादा तूल न देते हुए विश्वास जताया कि पार्टी नेतृत्व उनसे बातचीत कर इस मुद्दे का समाधान निकाल लेगा।
रेड्डी ने यह आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने की घोषणा की कि उन्हें बेंगलुरु विकास विभाग देने का आश्वासन दिया गया था। इसके कुछ घंटों बाद कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे और कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक दिनेश गुंडू राव ने अलग-अलग बयान में कहा कि अनुभवी नेता की चिंताओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाल लिया जाएगा।
खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘रेड्डी कांग्रेस के वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं। उनकी जो भी नाराजगी हो, पार्टी नेतृत्व उनके साथ बैठेगा और उसका समाधान निकालेगा। इसमें कोई समस्या नहीं है।’’
बेंगलुरु से आठ बार विधायक रह चुके वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार द्वारा बृहस्पतिवार रात 13 सदस्यीय मंत्रिपरिषद के विभागों का बंटवारा किए जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था। उन्हें बड़े और मध्यम सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि बेंगलुरु विकास विभाग ब्यातरायणपुरा के विधायक कृष्णा बायरे गौड़ा को दिया गया।
यह पूछे जाने पर कि क्या रेड्डी ने अपना इस्तीफा पहले ही सौंप दिया है, इस पर खरगे ने कहा, ‘‘मामला जो भी हो, हमारा पार्टी नेतृत्व निर्णय लेगा और उनसे बात करेगा। वह कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं।’’
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियंक खरगे ने पार्टी और राज्य दोनों के लिए रेड्डी को अहम बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘वह पार्टी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। वह राज्य के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। वह आठ बार चुनाव जीत चुके हैं। हमें उनके अनुभव की जरूरत है।’’ यह टिप्पणी उन्होंने उस सवाल के जवाब में की कि क्या पार्टी रेड्डी को अपना फैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश करेगी।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद ने कहा कि वह रेड्डी से बात करेंगे और मामले का समाधान निकालेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति में ऐसी चीजें होती रहती हैं। कोई समस्या नहीं है। वह हमसे बात करेंगे, कांग्रेस पार्टी के खिलाफ कुछ नहीं करेंगे।’’
सिद्धरमैया सरकार में मंत्री रह चुके दिनेश गुंडू राव ने कहा कि उन्हें घटनाक्रम की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन उन्हें विश्वास है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद का समाधान निकाल लेगा।
गांधीनगर से विधायक राव ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री संभवत: उनसे बात करेंगे। आखिरकार रेड्डी एक वरिष्ठ मंत्री हैं और उनसे बातचीत करना जरूरी है। मुझे पूरा विश्वास है कि वे इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और इसका समाधान निकालेंगे।’’
शिवकुमार और रेड्डी के लंबे राजनीतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री और रेड्डी के बीच बहुत करीबी संबंध और दोस्ती है। वे लंबे समय से राजनीति में साथ रहे हैं। वास्तव में, वे सभी 1989 में एक साथ विधायक बने थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मामला जो भी हो और उसका समाधान जिस तरह भी करना हो, मुझे विश्वास है कि मुख्यमंत्री निश्चित रूप से इसे सुलझा लेंगे।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या नगर निकाय चुनाव नजदीक होने के कारण यह विवाद पार्टी पर असर डाल सकता है, इस पर राव ने कहा कि बातचीत ही इसका रास्ता है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब भी कोई समस्या आती है, लोग साथ बैठकर चर्चा करते हैं। चर्चा के जरिए उसका समाधान निकाला जाता है। यदि ऐसी स्थिति पैदा हुई है, तो मुझे विश्वास है कि हमारे नेताओं में इसे सुलझाने की पूरी क्षमता है।’’
भाषा गोला मनीषा
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