(कुणाल दत्त)
द्रास, 26 जुलाई (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान पर आतंकवाद को ‘‘अपनी सरकारी नीति का हिस्सा’’ बनाने का आरोप लगाया और कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के अलावा किसी अन्य मुद्दे पर उसके साथ कोई बातचीत नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि पीओके भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।
सिंह ने यहां कारगिल युद्ध स्मारक पर अपने संबोधन में कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह दिखाया है कि आतंकवाद के जरिए भारत को धमकाने की कोशिश करने वालों का क्या हश्र होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत पाकिस्तान की हर दुस्साहसपूर्ण हरकत का ऐसे तरीके से जवाब देने में सक्षम है जो उसकी ‘‘कल्पना से भी परे’’ है।
सिंह ने यहां कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की जीत को ‘‘भारत माता के मुकुट में जड़ा हीरा’’ बताया।
उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में मई 2025 में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकवाद के आकाओं और उनके समर्थकों को करारा झटका दिया।
सिंह ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया कि आतंकवाद के जरिए भारत को धमकाने की कोशिश करने वालों का क्या हश्र होगा।’’
उन्होंने कहा कि भारत और उसकी सशस्त्र सेनाएं पाकिस्तान की हर दुस्साहसपूर्ण हरकत का ऐसे तरीके से जवाब देने में सक्षम हैं जो उसकी ‘‘कल्पना से भी परे’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ उठाया गया कोई भी दुर्भावनापूर्ण कदम उसी अंजाम तक पहुंचेगा।’’
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ पीओके के अलावा किसी अन्य मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं होगी, जो (पीओके) कि ‘‘भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है।’’
पड़ोसी देश पर निशाना साधते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि जब भारत जहाजों का डिजाइन तैयार करने में जुटा है, तब पाकिस्तान आतंकवाद की रूपरेखा बनाने में व्यस्त है।
उन्होंने कहा, ‘‘जहां हम नवोन्मेष के नए-नए रास्ते तलाश रहे हैं, वहीं पाकिस्तान घुसपैठ के नए तरीके खोजने में जुटा हुआ है। आज भारत डेटा सेंटर बना रहा है, जबकि पाकिस्तान कट्टरपंथ के केंद्र बनाने में लगा हुआ है।’’
कारगिल विजय दिवस भारत के ‘ऑपरेशन विजय’ की सफलता की स्मृति में मनाया जाता है। यह वह सैन्य अभियान था, जिसे पाकिस्तान की घुसपैठ के बाद कारगिल की रणनीतिक चोटियों पर दोबारा नियंत्रण लेने के लिए चलाया गया था और जिसका सफल समापन 1999 में आज के दिन हुआ था।
रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘कारगिल में मिली विजय केवल सैन्य या कूटनीतिक सफलता नहीं थी, बल्कि हमारे सैनिकों ने अदम्य साहस और अद्वितीय वीरता का परिचय दिया था। मैं 27वें कारगिल विजय दिवस पर अपने वीर जवानों और उनके शौर्य को नमन करता हूं।’’
इससे पहले सिंह, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने यहां कारगिल युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर एक उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) की अगुवाई में ‘एरोहेड’ (तीर के आकार) की संरचना में उड़ान भर रहे तीन हेलीकॉप्टरों ने युद्ध स्मारक पर आसमान से पुष्पवर्षा कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
शनिवार को यहां पहुंचे रक्षा मंत्री ‘श्रद्धांजलि समारोह’ के मुख्य अतिथि रहे।
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