चेन्नई, सात सितंबर (भाषा) तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री जोसेफ सी. विजय द्वारा द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पर किए गए तीखे हमले के बाद विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सोमवार को विजय पर ‘मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति’ अपनाने का आरोप लगाया।
विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर पूछे गए सटीक सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।
मुख्य विपक्षी दल के सदन से बहिर्गमन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री के विधानसभा में दिए भाषण को ‘‘रटी-रटाई फिल्म की पटकथा’’ कहकर खारिज कर दिया।
उदयनिधि ने विजय पर अपने करीबी सहयोगियों द्वारा चलाए जा रहे एक गुप्त गिरोह को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस गिरोह का मकसद राज्य के खनन ठेकों पर एकाधिकार कायम करना है।
उदयनिधि ने कहा कि राज्य की ‘‘बिगड़ती कानून-व्यवस्था’’ को लेकर उनके 15 सवालों का जवाब देने के बजाय मुख्यमंत्री ने ‘‘मुद्दे से ध्यान भटकाने की रणनीति’’ अपनाई। इन सवालों में हाल में दिनदहाड़े हुई हत्याओं से जुड़े सवाल भी शामिल थे।
उन्होंने विजय पर आरोप लगाया कि वह विपक्षी नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय के लंबित मामलों का हवाला देते हुए सरकारिया आयोग और एमआईएसए जैसे दशकों पुराने मुद्दों की ओर ध्यान भटका रहे हैं।
विपक्ष के नेता ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने पुलिस (गृह) विभाग के कामकाज पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री के 45 मिनट के जवाब में लगाए गए भ्रष्टाचार के ‘‘निराधार’’ आरोपों का जवाब देने का मौका नहीं दिया जिसके बाद द्रमुक ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
राज्य प्रायोजित एकाधिकार कायम किए जाने का सीधा आरोप लगाते हुए उदयनिधि ने कहा, ‘‘विष्णु रेड्डी, उनके रिश्तेदार सुजय रेड्डी और उनके कारोबारी साझेदार अनिल रेड्डी ने अब सरकार द्वारा संचालित सभी खनन गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण में कर लिया है। मैं इसके सबूत एक-एक करके सार्वजनिक करूंगा।’’
द्रमुक नेता द्वारा जिन लोगों के नाम लिए गए, उनकी ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
उदयनिधि ने मुख्यमंत्री को ‘‘कठपुतली’’ बताते हुए कहा कि उनका सत्ता में आना एक ‘‘इत्तेफ़ाक’’ था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री खुद कथित रूप से 15 करोड़ रुपये चोरी करने से जुड़े एक आयकर मामले का सामना कर रहे हैं।
द्रमुक नेता ने विधानसभा अध्यक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वह विपक्ष की आवाज दबाने के लिए जानबूझकर पक्षपातपूर्ण और एकतरफा तरीके से काम कर रहे हैं।
भाषा प्रचेता वैभव
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