बाल देखरेख संस्थानों में सबसे अधिक बच्चे तमिलनाडु में : सरकार

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बाल देखरेख संस्थानों में सबसे अधिक बच्चे तमिलनाडु में : सरकार

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  • Publish Date - July 29, 2026 / 08:02 PM IST,
    Updated On - July 29, 2026 / 08:02 PM IST

नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि मिशन वात्सल्य योजना के तहत 2025-26 में बाल देखरेख संस्थानों (सीसीआई) में रहने वाले बच्चों की सबसे अधिक संख्या तमिलनाडु में थी।

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के एक सवाल के लिखित जवाब में महिला और बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में ऐसे बच्चों की संख्या 11,217 थी। इसके बाद पश्चिम बंगाल में 7,725 और ओडिशा में 7,311 बच्चे थे।

मंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 के दौरान तमिलनाडु में सीसीआई में रहने वाले बच्चों की संख्या 11,217 थी। राज्य के सीसीआई में 2021-22 में 13,877; 2022-23 में 7,785; 2023-24 में 10,118 और 2024-25 में 12,438 बच्चे थे।

बाल देखरेख संस्थानों में खाली पदों के बारे में ठाकुर ने कहा कि किशोर न्याय कानून के तहत हर जिले में बाल देखरेख समितियों के गठन का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि स्वीकृत, भरे जा चुके और रिक्त पदों का ब्यौरा राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा उपलब्ध किया जाता है। हालांकि, मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा सांविधिक संस्थानों में रिक्तियों को भरने सहित किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के कार्यान्वयन को मजबूत करने के लिए समय-समय पर विभिन्न दिशानिर्देश और परामर्श जारी किए हैं।

भाषा अविनाश सुभाष

सुभाष