पेरियार की जयंती पर तमिलनाडु के नेताओं ने दी उन्हें श्रद्धांजलि

पेरियार की जयंती पर तमिलनाडु के नेताओं ने दी उन्हें श्रद्धांजलि

पेरियार की जयंती पर तमिलनाडु के नेताओं ने दी उन्हें श्रद्धांजलि
Modified Date: September 17, 2026 / 05:12 pm IST
Published Date: September 17, 2026 5:12 pm IST

चेन्नई, 17 सितंबर (भाषा) तमिलनाडु में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने बृहस्पतिवार को समाज सुधारक और द्रविड़ कषगम के संस्थापक ई. वी. रामासामी की 148वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्हें ‘थांथाई पेरियार’ भी कहा जाता है।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य की ओर से समाज सुधारक को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पेरियार ने अपना पूरा जीवन सामाजिक विभाजनों को खत्म करने और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष में समर्पित कर दिया।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पेरियार ने लोगों के मन में आत्मसम्मान, सामाजिक न्याय और तर्कवाद पर आधारित ‘प्रगतिशील विचारों’ का बीजारोपण किया।

विजय ने कहा कि पेरियार ने जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव खत्म करने तथा लोगों के मौलिक अधिकारों को बहाल करने के लिए जीवनभर संघर्ष किया।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने ‘सामाजिक न्याय दिवस’ की शपथ दिलाई और अन्ना सलाई पर ओमंदुरार सरकारी एस्टेट के पास पेरियार की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

इस दौरान उनके साथ पार्टी के कोषाध्यक्ष टी आर बालू और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन भी मौजूद थे।

स्टालिन ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘थांथाई पेरियार नफरत को खत्म करने वाली प्रचंड अग्नि हैं! वह तमिल समाज के पुनरुत्थान के लिए तर्कवाद की मशाल हैं!” उन्होंने कहा, ‘थांथाई पेरियार हमेशा हर जगह जीवित रहेंगे।’

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने गहरी पैठ जमा चुकी असमानताओं के खिलाफ पेरियार के लगातार संघर्ष को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

पलानीस्वामी ने ‘एक्स’ पर लिखा कि पेरियार ने सदियों पुराने जाति-आधारित वर्चस्व, सामाजिक असमानताओं और अंधविश्वासों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, ताकि एक ऐसा जीवंत नया समाज बनाया जा सके जो चार स्तंभों ‘आत्म-सम्मान, तर्कवाद, समानता और सामाजिक न्याय’ पर आधारित हो।

भाषा

शुभम मनीषा

मनीषा


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