तमिलनाडु की चुनावी लड़ाई चतुष्कोणीय नहीं, मुकाबला केवल टीवीके और द्रमुक के बीच : विजय

तमिलनाडु की चुनावी लड़ाई चतुष्कोणीय नहीं, मुकाबला केवल टीवीके और द्रमुक के बीच : विजय

तमिलनाडु की चुनावी लड़ाई चतुष्कोणीय नहीं, मुकाबला केवल टीवीके और द्रमुक के बीच : विजय
Modified Date: April 12, 2026 / 07:37 pm IST
Published Date: April 12, 2026 7:37 pm IST

कन्याकुमारी (तमिलनाडु), 12 अप्रैल (भाषा) तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) अध्यक्ष विजय ने रविवार को कहा कि भले ही दावा किया गया जा रहा है कि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में चतुष्कोणीय मुकाबला है, लेकिन वास्तव में लड़ाई टीवीके और सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के बीच है।

अभिनय से राजनीति में आए विजय ने कन्याकुमारी में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ यह चतुष्कोणीय या 40 कोणीय मुकाबला नहीं है। यहां केवल दो पक्ष हैं, एक टीवीके है, दूसरा द्रमुक। क्या आप जनविरोधी स्टालिन सरकार चाहते हैं, या विजय, जो जनता से प्रेम करता है? यह चुनाव बस इसी बात पर आधारित है।’’

टीवीके की जनसभा में शामिल होने के लिए आई भारी भीड़ के बीच विजय ने साइकिल चलाई। उन्होंने अपने पिछले चुनाव प्रचार स्थल कराईकुडी में भी लोगों से संपर्क साधने के उद्देश्य से साइकिल चलाई थी।

लेकिन हालात तब बेकाबू हो गए, जब लोग उनके करीब आने की कोशिश करने लगे। कराईकुडी की घटना से सबक लेते हुए कन्याकुमारी में आयोजकों ने विजय के चारो ओर सुरक्षा घेरा बनाया था।

टीवीके प्रमुख ने जनसभा को संबोधित करते हुए प्रौद्योगिकी केंद्रित ‘21वीं सदी के सुशासन’ एजेंडा को पेश किया और सत्ता में आने पर भारत का पहला कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंत्रालय स्थापित करने का वादा किया।

उन्होंने वैश्विक प्रौद्योगिकी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल करने के लिए एक ‘एआई सिटी’ और एक समर्पित एआई विश्वविद्यालय बनाने का वादा किया और दावा किया कि यह 2035 तक भारत की अर्थव्यवस्था में 17000 अरब अमेरिकी डॉलर का योगदान करेगा।

विजय ने सीधे प्रशासनिक तंत्र पर निशाना साधते हुए प्रत्येक परिवार के लिए ‘तमिलनाडु नागरिक विशेषाधिकार कार्ड’ का वादा किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कल्याणकारी लाभ बिना बिचौलियों या रिश्वत के घर-घर तक पहुंचें।

उन्होंने कहा, ‘‘यह (मुख्यमंत्री एमके) स्टालिन द्वारा सुनाई गई कहानियों जैसी नहीं है। यह वैज्ञानिक रूप से संभव है। वर्तमान की व्यवस्था ‘सुशासन’ नहीं, बल्कि ‘उत्पीड़न’ है। रिश्वतखोरी केवल अधिकारी तक ही सीमित नहीं है, इसका एक हिस्सा मंत्री तक भी जाता है। हम इस गठजोड़ को तोड़ेंगे।’’

विजय ने पदभार ग्रहण करने के छह महीने के भीतर ‘सेवा का अधिकार अधिनियम’ पारित करने और राशन कार्ड से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस तक सभी सरकारी सेवाओं को डिजिटल करने के लिए ‘वेट्ट्री तमिलनाडु’ सुपर ऐप लॉन्च करने का भी संकल्प लिया।

राज्य की वित्तीय स्थिति के मुद्दे पर टीवीके संस्थापक ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु का कर्ज 10.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, और दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में इतना कर्ज लिया गया है जितना पिछले सात दशकों में नहीं लिया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘ब्याज पर खर्च किया गया हर रुपया आपके बच्चे की शिक्षा और आपके परिवार के स्वास्थ्य देखभाल से चुराया गया एक रुपया है।’’

विजय ने डिजिटल लोकतंत्र के लिए एक ‘जन मंच’ का भी प्रस्ताव रखा, जहां पांच लाख सत्यापित हस्ताक्षरों वाली याचिकाओं पर राज्य विधानसभा में औपचारिक चर्चा अनिवार्य होगी।

टीवीके अध्यक्ष ने अपने समर्थकों से पार्टी के चुनावी चिह्न का जिक्र करते हुए ‘सीटी क्रांति’ शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आप सभी के लिए आया हूं, सारा दर्द सहकर, और मैं आपको कभी धोखा नहीं दूंगा। अपने भाई को एक मौका दो।’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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