चेन्नई, नौ जनवरी (भाषा) तमिलनाडु में ‘सेकेंडरी ग्रेड सीनियरिटी टीचर्स एसोसिएशन’ (एसजीटी) के सदस्यों ने ‘समान काम के लिए समान वेतन’ की मांग को लेकर चेन्नई में शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया।
शिक्षकों ने आंदोलन के 15 वें दिन स्कूल शिक्षा निदेशालय (डीपीआई परिसर) में प्रदर्शन किया और यहां की प्रमुख अन्नासलाई सड़क पर एक रैली निकाली।
प्रदर्शनकारियों ने पूर्व में व्यक्तिगत रूप से दिए गए आश्वासनों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से सीधे तौर पर हस्तक्षेप करने की मांग की।
एसोसिएशन के महासचिव जे. रॉबर्ट ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘द्रमुक (द्रविड़ मुनेत्र कषगम) सरकार ने चुनाव प्रचार के दौरान वेतन असमानताओं को दूर करने का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने द्रमुक पर भरोसा किया और उन्हें वोट दिया। आज हम सड़क पर खड़े हैं क्योंकि कोई हमारी बात नहीं सुन रहा है। शिक्षक राज्य के विकास की रीढ़ हैं, फिर भी हमारे साथ विश्वासघात किया जा रहा है।”
चेन्नई में 1,000 लोग एकत्रित हुए, वहीं संगठन ने दावा किया कि राज्यव्यापी आंदोलन में 10,000 से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया।
संगठन ने सरकार की ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ नीति की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि शिक्षक पहले से ही अपने काम के अनुसार, कम वेतन पाने के कारण संघर्ष कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से जल्द से जल्द समाधान निकालने का अनुरोध किया।
संगठन ने यह भी धमकी दी कि अगर सरकार सौहार्दपूर्ण समाधान की उनकी मांगों को नजरअंदाज करती रही तो वे राज्य भर में आंदोलन को और तेज करेंगे।
भाषा यासिर रंजन
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