संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े गए, कई घायल

संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े गए, कई घायल

संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े गए, कई घायल
Modified Date: July 20, 2026 / 07:07 pm IST
Published Date: July 20, 2026 7:07 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने सोमवार को संसद मार्ग पर तब आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां भांजीं, जब मानसून सत्र के पहले दिन हजारों प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर मार्च कर रहे थे। सत्र के पहले दिन के लिए संसद में सभी सांसद जुटे हुए थे।

शिक्षा में सुधार के लिए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) द्वारा आहूत विरोध प्रदर्शन में छात्र संगठनों ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस),स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं और कई पेशेवरों ने हिस्सा लिया।

हालात तब तनावपूर्ण हो गए, जब पूर्वाह्न करीब 11:15 बजे प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग पुलिस थाने के सामने लगे एक प्रमुख अवरोधक को तोड़ दिया और संसद की ओर बढ़ने लगे, जो जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर है।

पूर्वाह्न करीब 11:25 बजे, ‘भारत माता की जय‘, ‘वंदे मातरम्’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों के बीच, प्रदर्शनकारियों ने अति सुरक्षा वाले क्षेत्र में एहतियातन लगाए गए कई अवरोधकों को पार करने की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की जैसी स्थिति पैदा हो गई।

भीड़ में मौजूद उपद्रवियों ने वस्तुएं भी फेंकीं, जिससे पुलिस समेत कई लोग घायल हो गए। कई प्रदर्शनकारी घायल हुए और कई पुलिसकर्मी खून से लथपथ दिखे।

पुलिस द्वारा ले जाए जाते समय एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘हम यहां शिक्षा में सुधार के लिए अपनी आवाज उठाने आए हैं। अपनी बात रखे बिना हम पीछे नहीं हटेंगे। हमें जेल जाने से कोई डर नहीं है।’’

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन के निकास द्वार संख्या- 2 के बाहर आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। उन्होंने बताया कि 20 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

अधिकारियों के आदेश पर नयी दिल्ली के आस-पास इंटरनेट सेवा भी निलंबित कर दी गई।

पुलिस ने अपराह्न करीब 1 बजे इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी और किसी भी सभा पर प्रतिबंध लगा दिया।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मध्य दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की भारी तैनाती की गई।

एक अधिकारी ने बताया, ‘‘चूंकि यह एक संवेदनशील इलाका है, इसलिए नयी दिल्ली ज़िले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अर्धसैनिक बलों की कई अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग विभागों के पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।’’

दंगा-रोधी साजो-सामान से लैस अर्धसैनिक बलों को रविवार रात को ही तैनात कर दिया गया था और सोमवार को कई और कंपनियां तैनात की गईं।

कॉजपा के प्रस्तावित संसद मार्च से पहले लुटियंस इलाके के अहम स्थानों, संवेदनशील जगहों और सरकारी इमारतों पर तैनाती के लिए आस-पास के कई जिलों से पुलिस बल बुलाए गए।

उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चन्द्रशेखर आजाद और मैनपुरी से समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी)ने पांच स्टेशन राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ बंद कर दिए।

कॉजपा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मॉनसून सत्र के पहले दिन संसद तक मार्च करने की घोषणा की थी।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप


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