एसआईआर के दौरान परिवार पंजी प्रमाणपत्र स्वीकार न किया जाए: तेलंगाना भाजपा की निर्वाचन आयोग से अपील

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एसआईआर के दौरान परिवार पंजी प्रमाणपत्र स्वीकार न किया जाए: तेलंगाना भाजपा की निर्वाचन आयोग से अपील

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  • Publish Date - July 29, 2026 / 10:46 AM IST,
    Updated On - July 29, 2026 / 10:46 AM IST

हैदराबाद, 29 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई ने निर्वाचन आयोग से अपील की है कि वह सभी डीईओ और ईआरओ को निर्देश दे कि वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सत्यापन के लिए परिवार पंजी प्रमाणपत्र को स्वीकार न करें, ताकि अयोग्य लोगों के नाम शामिल होने की आशंका से बचा जा सके।

भाजपा ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को संबोधित प्रत्यावेदन में आरोप लगाया कि ‘तेलंगाना परिवार पंजी’ खाद्य सुरक्षा कार्ड से जुड़ा है और इसे एसआईआर के लिए मान्य दस्तावेज बनाने की कोशिश गंभीर संवैधानिक और प्रशासनिक चिंता पैदा करता है।

भाजपा की निर्वाचन आयोग मामलों की समिति के अध्यक्ष मारी शशिधर रेड्डी ने कहा कि ‘परिवार पंजी’ लाने का फैसला ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम)अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री से अनुरोध करने के बाद आया है।

उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल एसआईआर के तहत मतदाता सत्यापन को लेकर जारी नोटिस का जवाब देने के लिए सहायक दस्तावेज के तौर पर किया जा सकता है।

भाजपा ने कहा कि कानून का एक स्थापित सिद्धांत है कि ‘‘खेल शुरू होने के बाद खेल के नियम नहीं बदले जा सकते’’।

भाजपा ने अपने प्रत्यावेदन में कहा कि एक बार जब निर्वाचन आयोग ने एसआईआर को लेकर अधिसूचना जारी कर दी और दिशा निर्देश व आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर प्रक्रिया शुरू हो गई, तो न तो राज्य सरकार सत्यापन नियमों को बदलने के लिए कोई अतिरिक्त दस्तावेज जारी या प्रस्तुत करने की अनुमति दे सकती है और न ही कोई निचले स्तर का अधिकारी।

पार्टी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के बीच में किसी नए दस्तावेज को शामिल करने या उसे मान्यता देने की कोई भी कोशिश मतदाता सूची की शुचिता, एकरूपता, निष्पक्षता और शुद्धता को प्रभावित करती है।

भाजपा ने कहा कि इसलिए जारी एसआईआर प्रक्रिया में ‘परिवार पंजी प्रमाणपत्र’ को किसी भी तरह से मान्यता या स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, भले ही इसका इस्तेमाल किसी और प्रशासनिक काम के लिए होता हो।

केंद्र में सत्तारूढ़ और राज्य में विपक्षी पार्टी ने कहा कि ऐसी आशंका है कि इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल उन अयोग्य लोगों को बचाने या शामिल करने में किया जा सकता है, जिनके नामों की एसआईआर के दौरान कड़ी जांच होनी है और अगर इस दस्तावेज को मंजूरी दी गई तो पुनरीक्षण प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य ही बेमानी हो जाएगा।

तेलंगाना सरकार ने पूरे राज्य के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक ‘तेलंगाना परिवार पंजी’ बनाया है और ‘मीसेवा’ मंच के जरिए ‘परिवार पंजी प्रमाणपत्र’ जारी करने की सुविधा शुरू की है।

भाषा धीरज शोभना

शोभना