अगरतला, 29 जुलाई (भाषा) त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि उनकी सरकार प्रस्तावित चिकित्सा विश्वविद्यालय को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए जल्द ही उसके कुलपति की नियुक्ति करेगी।
वर्तमान में राज्य में तीन चिकित्सा महाविद्यालय हैं, जहां एमबीबीएस की 550 और स्नातकोत्तर की 200 से अधिक सीट उपलब्ध हैं।
इसके अलावा, एक आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू हो जाएगा, जबकि एक होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय अगले शैक्षणिक सत्र से काम करना शुरू करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे राज्य में कई चिकित्सा संस्थान संचालित किए जा रहे हैं, जबकि दो और चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। अब तक चिकित्सा संस्थान, त्रिपुरा केंद्रीय विश्वविद्यालय के अधीन संचालित हो रहे थे, जिसके पास चिकित्सा क्षेत्र की विशेषज्ञता नहीं है।’’
उन्होंने मंगलवार को यहां रवींद्र भवन में आयोजित विश्व हेपेटाइटिस दिवस के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए एक विधेयक विधानसभा में पहले ही पारित किया जा चुका है। इस कार्यक्रम का आयोजन हेपेटाइटिस फाउंडेशन ऑफ त्रिपुरा (एचएफटी) ने किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रस्तावित चिकित्सा विश्वविद्यालय के लिए हम जल्द ही कुलपति की नियुक्ति करेंगे, ताकि सभी चिकित्सा संस्थानों का प्रभावी ढंग से संचालन किया जा सके। इससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
भाषा तान्या सिम्मी
सिम्मी