एआई कंपनियों पर कर लगाने की नीतियों पर विचार कर रही तेलंगाना सरकार: रेवंत रेड्डी

एआई कंपनियों पर कर लगाने की नीतियों पर विचार कर रही तेलंगाना सरकार: रेवंत रेड्डी

एआई कंपनियों पर कर लगाने की नीतियों पर विचार कर रही तेलंगाना सरकार: रेवंत रेड्डी
Modified Date: March 28, 2026 / 11:14 am IST
Published Date: March 28, 2026 11:14 am IST

हैदराबाद, 28 मार्च (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने कहा है कि राज्य सरकार कृत्रिम मेधा (एआई) कंपनियों पर कर लगाने की नीतियों पर विचार कर रही है ताकि इसके कारण नौकरियां गंवाने वाले लोगों को मुआवजा दिया जा सके।

रेड्डी ने अमेरिका स्थित ‘हार्वर्ड केनेडी स्कूल’ की कृत्रिम मेधा (एआई) संगोष्ठी को शुक्रवार रात डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए एआई को ‘‘दो धारी तलवार’’ बताया और सचेत किया कि अगर इसका शुरुआत में ही प्रबंधन नहीं किया गया तो इसके जोखिम इसके लाभ से अधिक हो सकते हैं।

‘हार्वर्ड केनेडी स्कूल’ में हाल में पांच दिवसीय नेतृत्व कार्यक्रम पूरा करने वाले रेड्डी ने कहा, ‘‘हम प्रदूषण से संबंधित उन नीतियों जैसी नीतियां लाने की भी कोशिश करेंगे जिनमें प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को ‘कार्बन क्रेडिट’ के लिए भुगतान करना पड़ता है – हम ऐसे कानून लाने की कोशिश करेंगे ताकि एआई कंपनियों पर लोगों की नौकरी पर पड़े असर की भरपाई के लिए कर लगाया जा सके।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह बिल्कुल उचित है कि खरबों अमेरिकी डॉलर के मूल्यांकन वाली हमारी कंपनियां उन लोगों और समाज को मुआवजा दें जिनकी नौकरियां चली जाती हैं।’’

मुख्यमंत्री ने पहले हुए प्रौद्योगिकी संबंधी बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि मशीनों ने हाथ से होने वाले काम को आसान बनाया है, न कि उसकी जगह ली है।

उन्होंने कहा, ‘‘एआई प्रौद्योगिकी चिकित्सकों, वकीलों, वास्तुकारों, फिल्म निर्माताओं, लेखकों, कवियों, नीति निर्माताओं की जगह लेने के बजाय उनके काम के दायरे को बदलेगी।’’

भाषा

सिम्मी अमित

अमित


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