पोलावरम परियोजना के खिलाफ तेलंगाना की याचिका खारिज, राज्य सरकार नया मुकदमा दायर करेगी
पोलावरम परियोजना के खिलाफ तेलंगाना की याचिका खारिज, राज्य सरकार नया मुकदमा दायर करेगी
नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को आंध्र प्रदेश की पोलावरम बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के खिलाफ तेलंगाना सरकार की रिट याचिका को खारिज कर दिया, लेकिन उसे संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत नया मुकदमा दायर करने की अनुमति दे दी।
अनुच्छेद 131 उच्चतम न्यायालय को केंद्र और राज्यों के बीच या राज्यों के बीच, विशेष रूप से कानूनी अधिकारों से संबंधित विवादों की सुनवाई का मूल अधिकार प्रदान करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि इन महत्वपूर्ण संघीय मुद्दों का समाधान एक ही आधिकारिक निकाय द्वारा किया जाए।
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने तेलंगाना सरकार की रिट याचिका को विचार योग्य नहीं मानते हुए खारिज कर दिया।
कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि उनका मुकदमा तैयार है और जल्द ही दायर किया जाएगा।
पीठ ने स्पष्ट किया कि इस विवाद में महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे अन्य हितधारक भी शामिल हैं तथा रिट याचिका में उन्हें मुकदमे का पक्षकार नहीं बनाया गया है।
उच्चतम न्यायालय तेलंगाना सरकार द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें केंद्र सरकार द्वारा आंध्र प्रदेश को पोलावरम परियोजना के विस्तार के लिए दी जा रही वित्तीय सहायता को चुनौती दी गई थी।
याचिका में परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी दिए जाने को भी चुनौती दी गई है और आरोप लगाया गया है कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) ने केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की सिफारिशों का उल्लंघन किया है।
बाद में, तेलंगाना के सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया कि उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार की बात धैर्यपूर्वक सुनी और उसे संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत रिट याचिका दायर करने के बजाय अनुच्छेद 131 के तहत मुकदमा दायर करने की सलाह दी।
अनुच्छेद 32 किसी भी व्यक्ति को मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए उच्चतम न्यायालय में जाने की अनुमति देता है।
भाषा संतोष नेत्रपाल
नेत्रपाल

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