हैदराबाद, 24 अप्रैल (भाषा) हैदराबाद में कथित तौर पर आत्मदाह का प्रयास करने वाले तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) के एक चालक की बृहस्पतिवार देर रात एक अस्पताल में मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
वारंगल जिले के नरसमपेट में तेलंगाना आरटीसी के कर्मचारी बृहस्पतिवार को अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे, तभी वाहन चालक शंकर गौड़ (50) ने कथित तौर पर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली।
गंभीर रूप से झुलसे गौड़ को पहले वारंगल के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर उपचार के लिए हैदराबाद के एक ‘सुपर-स्पेशियलिटी’ अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
यहां एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘बृहस्पतिवार रात एक बजकर करीब 30 मिनट पर वाहन चालक की मौत हो गई।’’
चालक के शव को अंतिम संस्कार के लिए वारंगल जिले में उसके रिश्तेदार के गांव मुत्तोजीपेट ले जाया गया।
आरटीसी कर्मचारियों ने शव को नरसमपेट ले जाने की मांग की ताकि वे उसे श्रद्धांजलि दे सकें। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने इस अनुरोध को मानने से इनकार कर दिया।
चालक नरसमपेट में कार्यरत था।
आरटीसी कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के नेता शुक्रवार को सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारियों की समिति के साथ बातचीत करने वाले हैं।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिजन के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
राज्य सरकार ने आरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए कर्मचारियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया और आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के कड़े कदम न उठाएं।
परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कर्मचारियों से अपील की कि वे निराश न हों क्योंकि सरकार पूरी गंभीरता से बातचीत करेगी।
उन्होंने एक बयान में कहा कि मृतक चालक के परिजन को सरकार सहायता प्रदान करेगी।
गौड़ की कथित आत्महत्या को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायक टी. हरीश राव ने कहा कि उनकी पार्टी कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करती है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने कहा कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता आरटीसी डिपो पर विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से मिलेंगे तथा उनके प्रति एकजुटता व्यक्त करेंगे।
अन्य खबरों में दावा किया गया है कि बृहस्पतिवार शाम खम्मम स्थित अपने आवास पर आरटीसी के एक कर्मचारी ने इसी तरह का कदम उठाया, लेकिन पुलिस ने कहा कि यह घटना कर्मचारियों की हड़ताल से संबंधित नहीं है और पारिवारिक मुद्दों को लेकर यह कदम उठाया गया था।
कर्मचारियों ने आरटीसी के सरकार में विलय समेत अपनी 32 मांगों के समर्थन में 22 अप्रैल को हड़ताल शुरू की।
भाषा यासिर मनीषा
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