मलप्पुरम (केरल), 27 अप्रैल (भाषा) मलप्पुरम जिला कलेक्ट्रेट तक सोमवार को ‘केरल स्टूडेंट्स यूनियन’ (केएसयू) कार्यकर्ताओं द्वारा निकाले गए विरोध मार्च के दौरान तनाव का माहौल बना रहा। यह मार्च पड़ोसी कन्नूर जिले में एक बीडीएस छात्र की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर निकाला गया।
कांग्रेस की छात्र शाखा ‘केएसयू’ ने नितिन राज की मौत के संबंध में अपनी जिला समिति के नेतृत्व में इस मार्च का आयोजन किया।
पुलिस ने केएसयू के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया, जिन्होंने कथित तौर पर कलेक्ट्रेट गेट के पास लगाए गए अवरोधकों के दूसरी तरफ जाने की कोशिश की थी।
टेलीविजन पर केएसयू कार्यकर्ताओं को घटनास्थल पर पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस करते और हल्की-फुल्की झड़प दिखाया गया।
टकराव के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने कुछ देर के लिए पास के राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया और फिर से अवरोधकों की ओर बढ़ने का प्रयास किया। हालांकि, नेताओं ने हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया।
कन्नूर ज़िले के अंजरकंडी में स्थित एक निजी डेंटल कॉलेज में बीडीएस प्रथम वर्ष का छात्र नितिन राज 10 अप्रैल को एक इमारत से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल पाया गया था और बाद में चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
कन्नूर पुलिस ने शुरू में बीडीएस छात्र की अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया था और बाद में दो फैकल्टी सदस्यों (डॉ. राम और डॉ. संगीता नांबियार) पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया। यह कार्रवाई छात्र के परिजनों के उन आरोपों के बाद की गई, जिनमें कहा गया था कि छात्र को जाति और रंग के आधार पर प्रताड़ित किया गया था।
इसी से जुड़े एक घटनाक्रम में साइबर पुलिस ने एक अलग मामला भी दर्ज किया। यह बात सामने आई थी कि छात्र ने एक मोबाइल ऐप के जरिए लोन लिया था, जिसके संचालक ने कथित तौर पर उसके शिक्षक से संपर्क किया था। इसी के चलते कॉलेज प्रशासन के पास एक शिकायत दर्ज कराई गई थी।
भाषा
शुभम मनीषा
मनीषा