सिने जगत में 30 साल तक मुझे अलग-अलग किरदार निभाने का मौका देने के लिए शुक्रिया: रानी मुखर्जी

सिने जगत में 30 साल तक मुझे अलग-अलग किरदार निभाने का मौका देने के लिए शुक्रिया: रानी मुखर्जी

सिने जगत में 30 साल तक मुझे अलग-अलग किरदार निभाने का मौका देने के लिए शुक्रिया: रानी मुखर्जी
Modified Date: January 12, 2026 / 05:17 pm IST
Published Date: January 12, 2026 5:17 pm IST

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने फिल्म जगत के अपने तीन दशकों के सफर को याद करते हुए सोमवार को कहा कि इसकी शुरुआत ‘जिज्ञासा, भय और कहानियों के प्रति गहरे प्रेम’ से हुई तथा यह एक ऐसे करियर में बदल गया जहां उन्हें आज भी जिंदगी को कई अलग-अलग किरदारों के जरिए जीने का मौका मिलता है।

यश राज फिल्म्स द्वारा उनकी नई फिल्म ‘मर्दानी 3’ के रिलीज होने से पहले साझा किए गए एक पोस्ट में मुखर्जी ने कहा कि इतने वर्षों तक कई फिल्में करने के बावजूद, वह आज भी खुद को एक ऐसी नयी कलाकार की तरह महसूस करती हैं, जो सिनेमा की नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं।

फिल्म निर्देशक दिवंगत राम मुखर्जी और पार्श्व गायिका कृष्णा मुखर्जी की बेटी रानी मुखर्जी ने 1996 में आई फिल्म ‘राजा की आएगी बारात’ से अपने करियर की शुरुआत की थी।

 ⁠

मुखर्जी ने कहा, ‘‘मेरा मानना ​​है कि अभिनेता विचारों और रचनात्मकता के वाहक होते हैं तथा मैं सचमुच भाग्यशाली हूं कि मैं एक अभिनेत्री बन सकी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अलग-अलग किरदार के जरिए कई तरह की जिदंगी जीने का मौका देने के लिए शुक्रिया। आज भी मैं खुद को एक नए कलाकार की तरह महसूस करती हूं, जो बेहतर करना चाहता है और ज़्यादा मेहनत करना चाहता है।’’

मुखर्जी (47) ने कहा कि उनके लिए फिल्मों में अभिनय करना कोई ऐसा सपना नहीं था जिसके पीछे वह भागीं हों, बल्कि यह कुछ ऐसा था जिसने उन्हें खुद ढूंढ लिया।

मुखर्जी ने कहा, ‘‘सिनेमा में भावनाओं को थाम लेने का एक अजब तरीका होता है। मेरे अंदर कहीं न कहीं आज भी वही घबराई हुई लड़की है जो पहली बार कैमरे के सामने खड़ी थी और ये उम्मीद कर रही थी कि मैं अपने ‘डायलॉग’ नहीं भुलूंगी।’’

मुखर्जी ने कहा कि वह तय योजना या मन बनाकर फिल्मों में नहीं आई थी, बल्कि उन्हें ‘जिज्ञासा, भय और कहानियों के प्रति गहरे प्यार के साथ ही किरदारों के जरिए लोगों के मन को समझने की चाह ने आगे बढ़ाया।

भाषा यासिर नरेश

नरेश


लेखक के बारे में