कोलकाता, 17 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के गोलमोल जवाब के बाद तृणमूल कांग्रेस की पूर्व राज्यसभा सदस्य कोयल मलिक के राजनीतिक भविष्य को लेकर शुक्रवार को अटकलें तेज हो गईं।
भट्टाचार्च ने इस बात पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया कि क्या अभिनेत्री से नेता बनीं मलिक को भाजपा के टिकट पर ऊपरी सदन के लिए फिर से नामांकित किया जा सकता है।
मलिक के राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने और पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी रहे केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात करने के एक दिन बाद, भट्टाचार्य ने उनके भाजपा में शामिल होने और पार्टी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचने की संभावना को न तो खारिज किया और न ही इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले पार्टी के केंद्रीय और संसदीय नेतृत्व पर निर्भर करते हैं।
भट्टाचार्य ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारे लिए, यह कोयल, दोयल या पायल का सवाल नहीं है। पार्टी का संसदीय दल ऐसे मामलों में फैसला लेता है।’’
तृणमूल के पूर्व सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बारिक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपनी मर्जी से भाजपा में शामिल हुए, क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में काम करना चाहते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘वे भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा सदस्य बने, क्योंकि पार्टी ने उन्हें शामिल करने का फैसला किया था। लेकिन, एक पार्टी के तौर पर, मैं फिर से कहता हूं कि भाजपा का ‘तृणमूलकरण’ नहीं होगा। जो भी अटकलें लगाई जा रही हैं, वे जारी रह सकती हैं।’’
भट्टाचार्य की ओर से सोच-समझकर दिए गए बयानों से मलिक के अगले कदम को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है, खासकर इसलिए, क्योंकि उनका इस्तीफा वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के लगातार बिखरने के बीच आया है।
भाषा संतोष सुरेश
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