न्यायालय ने लंबित वाणिज्यिक मुकदमों, अदालतों और बुनियादी ढांचे से जुड़े देशभर के आंकड़े तलब किये

न्यायालय ने लंबित वाणिज्यिक मुकदमों, अदालतों और बुनियादी ढांचे से जुड़े देशभर के आंकड़े तलब किये

न्यायालय ने लंबित वाणिज्यिक मुकदमों, अदालतों और बुनियादी ढांचे से जुड़े देशभर के आंकड़े तलब किये
Modified Date: September 24, 2026 / 06:43 pm IST
Published Date: September 24, 2026 6:43 pm IST

नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को देशभर में लंबित वाणिज्यिक मामलों और वाणिज्यिक अदालतों में उपलब्ध बुनियादी ढांचे पर अद्यतन आंकड़े मुहैया कराने का निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत ने ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए अतिरिक्त वाणिज्यिक अदालतें स्थापित करने के उद्देश्य से 10 अगस्त को राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर भारतीय वाणिज्यिक एवं मध्यस्थता बार एसोसिएशन (आईसीएबीए) की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने को कहा था।

न्यायालय ने इस याचिका पर 10 उच्च न्यायालयों को भी नोटिस जारी किए थे।

वकीलों के संगठन ने वाणिज्यिक अदालतों की अपर्याप्त संख्या और बुनियादी ढांचे की कमी का मुद्दा उठाया था।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने बृहस्पतिवार को कहा कि 10 उच्च न्यायालयों में से गुवाहाटी और उत्तराखंड उच्च न्यायालयों ने अनुपालन रिपोर्ट दाखिल कर दी है।

पीठ ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय लंबित वाणिज्यिक मामलों, ऐसी अदालतों की कुल संख्या और अन्य संबंधित जानकारियों पर अपनी अनुपालन रिपोर्ट आज (बृहस्पतिवार को) ही दाखिल करेंगे। पीठ ने पटना उच्च न्यायालय को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से आंध्र प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, तेलंगाना और त्रिपुरा के उच्च न्यायालयों की ओर से अब तक कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं है। शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह इन उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस जारी करे।’’

पीठ ने दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट तलब की है।

भाषा जितेंद्र पवनेश

पवनेश


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