माकपा सांसद ने जयशंकर को पत्र लिखकर नाविकों के लिए सहायता व्यवस्था कायम करने का अनुरोध किया

माकपा सांसद ने जयशंकर को पत्र लिखकर नाविकों के लिए सहायता व्यवस्था कायम करने का अनुरोध किया

माकपा सांसद ने जयशंकर को पत्र लिखकर नाविकों के लिए सहायता व्यवस्था कायम करने का अनुरोध किया
Modified Date: August 18, 2026 / 08:31 pm IST
Published Date: August 18, 2026 8:31 pm IST

नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद जॉन ब्रिटास ने मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर संघर्ष प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा, कल्याण और मुआवजे के अधिकारों के लिए मजबूत राजनयिक व वाणिज्यिक तंत्र कायम करने का अनुरोध किया।

ब्रिटास ने अपने पत्र में कहा कि भारतीय नाविकों को जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करते समय गंभीर खतरों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में खास तौर पर फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य, लाल सागर और अदन की खाड़ी तथा काला सागर शामिल हैं।

तीस जुलाई को राज्यसभा में सरकार की ओर से दिए गए उनके सवाल के जवाब का हवाला देते हुए ब्रिटास ने कहा कि इस साल पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से 10 नाविकों समेत 16 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है और 75 भारतीय घायल हुए हैं।

उन्होंने कहा कि ओमान में आठ, संयुक्त अरब अमीरात में चार, कुवैत में दो तथा सऊदी अरब और इराक में एक-एक भारतीय की मौत हुई, जबकि संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कतर, कुवैत, सऊदी अरब और इजराइल में भारतीयों के घायल होने की खबर है।

ब्रिटास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पश्चिम एशिया संघर्ष में मारे गए 16 भारतीय नागरिकों में से 10 नाविक थे—यह उनके सामने मौजूद खतरों की गंभीर याद दिलाता है।’’

राज्यसभा में माकपा के नेता ब्रिटास ने एक “एकल और 24 घंटे सातों दिन काम करने वाली संपर्क व्यवस्था” कायम करने की मांग की, जिसके माध्यम से संकट में फंसा कोई भारतीय नाविक, परिवार का सदस्य या अधिकृत प्रतिनिधि तुरंत सरकार या संबंधित भारतीय मिशन से संपर्क कर सके।

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप


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