दिल्ली सरकार ने जनकपुरी के एक निजी स्कूल को नोटिस भेजकर उसे अपने नियंत्रण में लेने का प्रस्ताव रखा
दिल्ली सरकार ने जनकपुरी के एक निजी स्कूल को नोटिस भेजकर उसे अपने नियंत्रण में लेने का प्रस्ताव रखा
नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार ने रविवार को जनकपुरी स्थित एक निजी स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया। स्कूल पर नर्सरी की एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना को छिपाने और कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभ के लिए रखे गए छह करोड़ रुपये का इस्तेमाल ऋण चुकाने में करने सहित कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
सरकार ने स्कूल का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का भी प्रस्ताव रखा है।
शिक्षा निदेशालय के बयान के मुताबिक, स्कूल प्रबंधन को सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है, यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया गया तो दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बयान के अनुसार, शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
शिक्षा निदेशालय के अनुसार, उसकी विभिन्न समितियों द्वारा की गई बहु-स्तरीय जांच में पाया गया कि स्कूल ने 30 अप्रैल, 2026 को नर्सरी की एक छात्रा के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न की घटना की सूचना विभाग को नहीं दी, जबकि बाल संरक्षण कानूनों के तहत ऐसी घटना की जानकारी देना अनिवार्य है।
नोटिस में स्कूल पर कई अनियमितताओं में संलिप्त होने और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
कारण बताओ नोटिस में स्कूल प्रबंधन से पूछा गया है कि दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 की धारा 20(1) के तहत सरकार स्कूल का प्रबंधन अपने हाथ में क्यों न ले।
नोटिस में यह भी पूछा गया है कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा स्कूल को आवंटित भूमि की लीज रद्द करने की सिफारिश क्यों न की जाए, तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
भाषा शफीक संतोष
संतोष

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