अयोध्या (उप्र), तीन सितंबर (भाषा) श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा के पदभार संभालने को लेकर शुक्रवार को चर्चा और अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि ट्रस्ट अपने मूल संविधान या नीति में बदलाव किए बिना ट्रस्ट के कानूनी दस्तावेज में मौजूद अस्पष्टताओं और कमियों को दूर करने पर भी विचार कर रहा है।
गिरि ने बताया कि ट्रस्ट शुक्रवार को मिश्रा के साथ बैठक करके उनके पद संभालने की तारीख और जिम्मेदारियों को तय करेगा और उनसे जल्द से जल्द काम शुरू करने का अनुरोध करेगा।
गिरि ने संवाददाताओं से कहा, ”आज हमारी बैठक परिचय के लिए थी। नवनियुक्त सीईओ को काम की जानकारी होनी चाहिए और हमें भी उनके काम करने के तरीके को समझना चाहिए। यही इसका मकसद था।”
उन्होंने कहा, ”जहां तक पद संभालने की बात है तो हम शुक्रवार को उनके साथ बैठकर इसे तय करेंगे। हम उनसे जल्द से जल्द काम शुरू करने का अनुरोध करेंगे।”
ट्रस्ट के बोर्ड द्वारा सीईओ नियुक्त किए गए मिश्रा बृहस्पतिवार को दिल्ली से अयोध्या पहुंचे और ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठकें कीं।
गिरि ने बताया कि नए कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका भी अयोध्या पहुंच गए हैं और उन्होंने ट्रस्ट का काम संभाल लिया है।
उन्होंने कहा, ”महेश भागचंदका ने कोषाध्यक्ष के तौर पर काम संभाल लिया है और सभी लंबित बिलों का भुगतान कर दिया है। सीईओ जितेंद्र मिश्रा भी जल्द ही काम संभाल लेंगे।”
गिरी ने बताया कि मिश्रा और भागचंदका को ट्रस्ट परिसर का दौरा कराया गया और उन्हें इसके कामकाज, अपेक्षाओं और काम के दायरे के बारे में जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को नए नियुक्त सदस्यों के बीच जिम्मेदारियों के बंटवारे, उनकी भूमिकाओं, सीईओ के लिए मानक संचालन प्रक्रिया और पद संभालने की तारीख पर चर्चा की जाएगी।
ट्रस्ट डीड में बदलाव पर विचार किए जाने के बारे में गिरि ने कहा कि इसका मकसद केवल अस्पष्टता को दूर करना और यह सुनिश्चित करना है कि जब इसे संवैधानिक रूप दिया जाए, तो इसमें कोई कमी न रहे।
उन्होंने कहा, ”कुछ बातें दो बार कही गई हैं और कुछ प्रावधानों में अस्पष्टता है, यानी उनका सही मतलब तुरंत समझ नहीं आता। बस उन्हीं चीजो को बदलना है और इसके अलावा कुछ खास नहीं है।”
गिरि ने स्पष्ट किया, ”इसकी नीतियों में कोई बदलाव करने का इरादा नहीं है, और न ही हम ट्रस्ट के मूल संविधान की भावना को बदलना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा कि यह काम ट्रस्ट के सदस्य और सीनियर वकील के. परासरन की देखरेख में किया जाएगा।
भाषा चंदन सलीम शफीक रंजन
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