भविष्य उनका होगा जो मानवीय क्षमताओं में निवेश करेंगे: एचसीएल के पूर्व सीईओ नायर
भविष्य उनका होगा जो मानवीय क्षमताओं में निवेश करेंगे: एचसीएल के पूर्व सीईओ नायर
नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर का सबसे बड़ा जोखिम ज़्यादा स्मार्ट मशीनें नहीं, बल्कि लोगों का अपनी खूबियों पर से भरोसा उठना है। यह बात लेखक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज़ के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनीत नायर की एक नई किताब में कही गई है।
सोमवार को इस किताक का विमोचन किया गया, जिसका शीर्षक है ‘‘ह्यूमन्स फर्स्ट, मशीन्स सेकंड: 30 स्पार्क्स फॉर विनिंग इन द एज ऑफ एआई’’। इसमें नायर का तर्क है कि हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौती शायद तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि इंसानी आत्मविश्वास का बढ़ता संकट हो सकता है।
ऐसे समय में जब संस्थान एआई-प्रथम बनने की होड़ में लगे हैं, नायर एक दिलचस्प और अलग नज़रिया पेश करते हैं। उनका मानना है कि भविष्य उनका नहीं होगा जो बस तेजी से प्रौद्योगिकी अपनाते हैं, बल्कि उनका होगा जो इंसानी क्षमता में निवेश करना जारी रखते हैं।
एचसीएल टेक्नोलॉजीज़ में आईटी उद्योग के सबसे मशहूर बदलावों में से एक का नेतृत्व करने और संपर्क फाउंडेशन के ज़रिए लाखों बच्चों की शिक्षा में बदलाव लाने के अपने अनुभव के आधार पर, नायर तीस व्यावहारिक विचारों के जरिए नेतृत्व, खुद पर भरोसा, साहस, विश्वास, कल्पना और नए सिरे से शुरुआत करने जैसे विषयों पर बात करते हैं।
लेखक ने कहा, ‘‘तकनीक ने हमेशा हमारे काम करने के तरीके को बदला है। आज मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि एआई क्या कर सकता है, बल्कि इस बात की है कि यह लोगों को अपने बारे में क्या सोचने पर मजबूर कर सकता है। अगर हम सावधान नहीं रहे, तो हम स्मार्ट मशीनें बनाने में इतना समय बिता सकते हैं कि हम यह भूल जाएं कि इंसानों को क्या चीज़ खास बनाती है।’’
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक का मूल्य 799 रुपये है और यह ऑनलाइन तथा ऑफलाइन स्टोर पर खरीदने के लिए उपलब्ध है।
भाषा वैभव नरेश
नरेश

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