सरकार निजी कंपनियों को ‘खेलो इंडिया’ में शामिल करने की कोशिश कर रही

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सरकार निजी कंपनियों को 'खेलो इंडिया' में शामिल करने की कोशिश कर रही

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  • Publish Date - April 2, 2026 / 02:53 PM IST,
    Updated On - April 2, 2026 / 02:53 PM IST

नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए ‘खेलो इंडिया’ मिशन में निजी कंपनियों को शामिल करने का प्रयास कर रही है, लेकिन निजी क्षेत्र में खिलाड़ियों के लिए नौकरी में आरक्षण का कोई निर्देश नहीं है।

राज्यसभा में बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल के दौरान युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खड़से ने यह जानकारी देते हुए बताया कि निजी कंपनियों में खिलाड़ियों को नौकरी देने का फैसला पूरी तरह से कंपनियों पर होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान में ऐसी कोई नीति नहीं है। यह निजी कंपनियों के विवेक पर है कि वे किसी खिलाड़ी को नौकरी देना चाहती हैं या नहीं।’’

भाजपा सांसद मयंककुमार नायक ने पूछा था कि क्या निजी क्षेत्र में सरकारी मंत्रालयों, विभागों और पीएसयू की तरह प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए नौकरी में आरक्षण की व्यवस्था है।

खड़से ने बताया कि सरकार निजी कंपनियों को ‘खेलो इंडिया’ मिशन में शामिल करने और उनके ‘सीएसआर’ कोष या अन्य साधनों के जरिए खेलों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग मंत्रालय, रेलवे और रक्षा विभाग में खिलाड़ियों के लिए आरक्षण के अलग-अलग मानदंड हैं, लेकिन सरकार की ओर से निजी कंपनियों पर कोई नियम लागू नहीं है।

कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने शिक्षा और खेल प्रशिक्षण की सुविधाएं एक ही केंद्र पर उपलब्ध कराने के प्रयास के बारे में जानना चाहा। इस पर खड़से ने बताया कि ‘खेलो इंडिया’ मिशन स्कूल शिक्षा नीति के साथ संबद्ध है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों के सहयोग से प्रत्येक जिले में खेल विद्यालय स्थापित करने के प्रयास किए गए हैं, जहां चयनित प्रतिभाशाली छात्र खेल और शिक्षा दोनों को एक साथ आगे बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार खेल गतिविधियों और विविध खेलों को बढ़ावा देने के लिए भी काम कर रही है, ताकि अधिक प्रतिभाओं की पहचान की जा सके।

भाषा

मनीषा अविनाश

अविनाश