ट्रेन पटरियों के पास स्थित मजार, प्राचीन हनुमान मंदिर को सहमति बनने के बााद स्थानांतरित किया गया

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ट्रेन पटरियों के पास स्थित मजार, प्राचीन हनुमान मंदिर को सहमति बनने के बााद स्थानांतरित किया गया

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 10:35 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 10:35 PM IST

नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के टूण्डला में रेलवे पटरियों के पास बनी एक पुरानी मजार और 66 साल पुराने हनुमान मंदिर को रेलवे ने स्थानीय धार्मिक लोगों और श्रद्धालुओं के साथ लंबे विचार विमर्श एवं वार्ता के बाद उन्हें दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि दोनों धार्मिक स्थलों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में करीब छह महीने लगे। इस दौरान दोनों समुदायों के वरिष्ठ धार्मिक नेताओं और नियमित रूप से इन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ व्यापक बातचीत और समन्वय किया गया।

उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पुरानी धार्मिक संरचनाएं टूंडला स्टेशन परिसर में रेलवे की लाइन संख्या दो और तीन के पास स्थित थीं। इन संरचनाओं की मौजूदगी से रेलवे के परिचालन और यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण चुनौतियां पैदा हो रही थीं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘रेलवे के विकास की आवश्यकताओं को देखते हुए इन संरचनाओं को सुरक्षित और उपयुक्त निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। सभी संबंधित पक्षों के बीच बातचीत, समन्वय और सहमति के जरिए समाधान निकाला गया।’’

एनसीआर क्षेत्र के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवम शर्मा ने बताया कि टूंडला के उप मुख्य यातायात प्रबंधक अमित आनंद ने सहमति बनाने की प्रक्रिया का नेतृत्व किया।

उन्होंने दोनों समुदायों के धार्मिक नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें कीं। शर्मा ने बताया कि एनसीआर के उप महाप्रबंधक अतुल मिश्रा ने मुख्यालय से आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन दिया।

स्थानीय जानकारी और परंपरा के अनुसार, हनुमान मंदिर करीब 66 साल पुराना बताया जाता है। वहीं लोको बाबा की मजार लगभग 100 से 125 साल पुरानी मानी जाती है।

भाषा

राखी माधव

माधव