देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 57,410 हुई

देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 57,410 हुई

देश में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 57,410 हुई
Modified Date: April 27, 2023 / 09:57 am IST
Published Date: April 27, 2023 9:57 am IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 9,355 नए मामले सामने आने के बाद देश में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 4.49 करोड़ हो गई है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या 61,013 से घटकर 57,410 रह गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 26 और मरीजों की मौत के बाद देश में कोरोना वायरस संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 5,31,424 हो गई है। इनमें वे छह लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम संक्रमण से मौत के आंकड़ों का पुन:मिलान करते हुए केरल ने वैश्विक महामारी से दम तोड़ने वाले मरीजों की सूची में जोड़े हैं।

अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, देश में अभी 57,410 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.13 प्रतिशत है। वहीं, दैनिक संक्रमण दर 4.08 प्रतिशत और साप्ताहिक संक्रमण दर 5.36 प्रतिशत है।

आंकड़ों के अनुसार, भारत में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.69 प्रतिशत है। देश में अभी तक कुल 4,43,35,977 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, भारत में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 220,66,54,444 खुराक लगाई जा चुकी हैं।

गौरतलब है कि भारत में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे।

देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। चार मई 2021 को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। पिछले साल 25 जनवरी को संक्रमण के कुल मामले चार करोड़ के पार चले गए थे।

भाषा निहारिका पारुल

पारुल


लेखक के बारे में