आरएएफ ने 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन से आठ गोलियां चलाई थीं

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आरएएफ ने 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन से आठ गोलियां चलाई थीं

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 01:02 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 01:02 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान जंतर-मंतर के पास भीड़ को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) ने पेलेट गन समेत कई कम घातक हथियारों का इस्तेमाल किया था।

अधिकारियों ने पुलिस कार्रवाई से जुड़े आधिकारिक अभिलेखों का हवाला देते हुए मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस घटना की जानकारी संसद मार्ग थाने की सामान्य डायरी (जीडी) में 22 जुलाई को अपराह्न 1 बजकर 24 मिनट पर दर्ज की गई है। यह प्रविष्टि आरएएफ के एक उप कमांडेंट की सूचना पर की गई थी जिसमें कहा गया कि नीली वर्दी वाला यह बल दिल्ली पुलिस के एक पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) स्तर के अधिकारी के साथ जंतर-मंतर क्षेत्र के जोन-1 में तैनात था।

थाने के अभिलेखों के हवाले से अधिकारियों ने बताया कि 20 जुलाई को डीसीपी के निर्देश पर आरएएफ ने 55 नॉन-इलेक्ट्रिकल शेल, 15 इलेक्ट्रिकल शेल, पांच आंसू गैस के गोले दागे थे। इसके अलावा कम घातक दंगा-रोधी बंदूक से दो और पेलेट गन से भी दो राउंड गोलियां चलाई गईं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पेलेट गन के एक राउंड में प्लास्टिक के चार छर्रे होते हैं। ये धातु के उन छर्रों से अलग होते हैं, जो शरीर को भेद सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्लास्टिक के इन छर्रों से अपेक्षाकृत कम नुकसान होता है।

प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग, विशेषकर पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है और संसद में गृह मंत्री अमित शाह से बयान देने की मांग कर रहा है।

नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आहूत इस विरोध मार्च के दौरान दो-तीन प्रदर्शनकारियों के पेलेट लगने से गंभीर रूप से घायल होने की खबरें सामने आई थीं।

धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद सीजेपी ने अपना लगभग एक महीने से जारी आंदोलन वापस ले लिया।

इस प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस, आरएएफ और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कई जवान भी घायल हुए थे।

दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि “शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों” के खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल के दावे पूरी तरह “झूठे और भ्रामक” हैं।

सीआरपीएफ और आरएएफ ने अब तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

सीआरपीएफ के महानिदेशक जी. पी. सिंह ने कहा, “अब जबकि आंदोलन वापस ले लिया गया है और लोग जा चुके हैं, हम हर बड़े अभियान की तरह इस कार्रवाई का भी पेशेवर ढंग से मूल्यांकन करेंगे। इसके बाद ही वह इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करेगा।”

भाषा

खारी रंजन

रंजन