जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम एक अक्टूबर से लागू होगा

जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम एक अक्टूबर से लागू होगा

जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम एक अक्टूबर से लागू होगा
Modified Date: September 17, 2026 / 12:39 am IST
Published Date: September 17, 2026 12:39 am IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) जन्म और मृत्यु के पंजीकरण में देरी से जुड़े नियमों को सख्त बनाने वाले नये कानून के प्रावधान एक अक्टूबर से लागू होंगे। भारत के महापंजीयक मृत्युंजय कुमार नारायण ने बुधवार को यह जानकारी दी।

जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को हाल में संसद के दोनों सदनों ने पारित किया था। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद इस विधेयक ने पिछले महीने कानून की शक्ल अख्तियार कर ली।

नारायण ने एक गजट अधिसूचना में कहा, “जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम, 2026 (2026 का 12) की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार एक अक्टूबर 2026 को उस तारीख के रूप में तय करती है, जब इस कानून के प्रावधान लागू होंगे।”

यह कानून जन्म और मृत्यु के पंजीकरण में देरी की सूरत में लागू होने वाले नियमों को और सख्त बनाता है और घटना के दो साल बाद किए गए आवेदनों के लिए न्यायिक दखल की जरूरत का प्रावधान करता है।

भाषा पारुल गोला

गोला


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