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‘Cow’s brain in biology class: जीव विज्ञान पढ़ाने कक्षा में ले आया ‘गाय का मष्तिष्क!’.. भारी विरोध के बाद स्कूल ने किया बायो के टीचर को सस्पेंड

Cow's brain' in biology class in Telangana

Cow's brain' in biology class in Telangana || Image- Prashant X

हैदराबाद: Cow’s brain’ in biology class in Telangana: तेलंगाना के विकाराबाद जिले के एक सरकारी स्कूल में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है यहाँ जीवविज्ञान के एक शिक्षक को कक्षा में गाय का मस्तिष्क लाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। दरअसल अफसरों को इस बात का संदेह था कि, टीचर ने कक्षा में जो मांस लाया था वह कथित तौर पर गाय का मस्तिष्क था। वही इस मामले के सामने आने के बाद स्कूल के पास दक्षिणपंथी समूहों ने जानकर विरोध प्रदर्शन किया था। हालाँकि हंगामे और विरोध के बाद खासिमबी नामक जैव-विज्ञान शिक्षक को विकाराबाद जिले के जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित 25 जून के आदेश में निलंबित कर दिया। सस्पेंशन ऑर्डर में कहा गया है कि, उनकी पढ़ाई कराने के तरीके से “छात्रों में भारी असुविधा हुई तथा छात्रों और अभिभावकों की भावनाओं को ठेस पहुंची।”

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विकाराबाद जिला अधीक्षक नारायण रेड्डी के अनुसार, मामला दर्ज कर लिया गया है और मस्तिष्क का नमूना तेलंगाना फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में भी भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह गाय का है या नहीं। उन्होंने दिप्रिंट को बताया, “हमने मामला दर्ज कर लिया है। हमें बताया गया कि वह इसे अपनी कक्षा (पढ़ाने) के हिस्से के रूप में लेकर आई थी।” उन्होंने आगे कहा, “चूंकि यह कच्चा मांस था, इसलिए कुछ छात्र इसकी गंध बर्दाश्त नहीं कर सके और उल्टी कर दी।”

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गौरतलब है कि, तेलंगाना में गोहत्या प्रतिबंधित है, इसलिए यह कानून के तहत अपराध है। “हमें यह जांचने की ज़रूरत है कि क्या यह गाय का था। (Cow’s brain’ in biology class in Telangana) वह किसी अन्य जानवर का मस्तिष्क भी ला सकती थी।” तेलंगाना गोहत्या निषेध है। इस अधिनियम में पशु संरक्षण अधिनियम, 1977 के तहत, “बैल, सांड, भैंस, नर या मादा, या बछड़ा, चाहे वह मादा भैंस का नर हो या मादा” संरक्षित हैं।

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