नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) कॉकरेच जनता पार्टी (कॉजपा) के ‘संसद चलो’ मार्च के एक दिन बाद सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया, हालांकि कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर हमला करते हुए भी दिखाया गया है।
एक महिला प्रदर्शनकारी और यूपीएससी अभ्यर्थी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई से वह निराश हो गई हैं।
उन्होंने कहा, ‘मैं यूपीएससी की तैयारी कर रही हूं, लेकिन पुलिस को देखने के बाद अब आगे तैयारी करने का मेरा मन नहीं है। जब वे छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं, तो मैं उनके बीच कैसे रह पाऊंगी?’
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि वे अपराधी नहीं हैं, बल्कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
एक वीडियो के अनुसार, एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि उसके पैरों के पास आंसू गैस का गोला फटा।
उसने कहा, ‘हम आतंकवादी हैं या क्या? हमारे खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों की जा रही है? पुलिस का काम तो हमारी मदद करना है।’
एक प्रदर्शनकारी के पैर में चोट लगा था और उसने आरोप लगाया कि सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने में नाकाम रही है।
उन्होंने कहा, ‘अगर सरकार ने थोड़ी भी – यानी 20 प्रतिशत भी – जवाबदेही दिखाई होती, तो हम प्रदर्शन नहीं कर रहे होते। उनकी नाकामी की वजह से ही हमें ऐसी बर्बरता का सामना करना पड़ रहा है।’
वहीं, एक वीडियो में एक पुलिस अधिकारी द्वारा महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने का दावा किया गया।
दूसरी ओर, कुछ वीडियो में पुलिसकर्मियों के साथ झड़प और उनके साथ मारपीट दिखाई दी।
एक वीडियो में कनॉट प्लेस में एक पुलिस अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की और हमला करते लोग नजर आए।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोमवार को संसद की ओर मार्च के दौरान हुई झड़पों में कई वरिष्ठ अधिकारी समेत 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने दावा किया कि 60 से अधिक प्रदर्शनकारी भी घायल हुए।
भाषा
राखी रंजन
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